एग्जिट पोल का मकसद नौकरशाही को अभयदान देना और इंडिया गठबंधन का मनोबल गिराना

मतदान केंद्रों के सामने ‘लोकतंत्र बचाओ-संविधान बचाओ- देश बचाओ’ केंद्र बनाकर, निष्पक्ष मतदान कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरें सजग नागरिक

डॉ. सुनीलम

18वीं लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल जैसी उम्मीद थी वैसे आ गए हैं। गोदी मीडिया एनडीए को 350 – 415 तक सीटों पर जीतता हुआ बतला रहा है। इसका मकसद नौकरशाही को अभय दान देना तथा इंडिया गठबंधन के नेताओं, कार्यकर्ताओं और विशेष तौर पर 543 लोकसभा क्षेत्र में मतगणना अभिकर्ताओं का मनोबल गिराना है।
इंडिया गठबंधन के 295 सीटे हासिल करने के आंकलन से मेरी सहमति है.
इस परिस्थिति को नागरिक समाज के लोगों ने पहले ही समझ लिया था तथा इस परिस्थिति में क्या कुछ करना चाहिए इसको लेकर बेंगलुरु और दिल्ली में बैठकें आयोजित कर निष्पक्ष मतगणना कराने हेतु निर्वाचन अधिकारियों, चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति को चिट्टियां लिखने का निर्णय लिया। चिट्ठियां भी भेजी जा चुकी हैं।
17 सी फॉर्म जो मतदान केंद्रों पर मतदान अभिकर्ताओं को दिए जाते हैं, उसका मिलान मतगणना के दिन करने का निर्णय इंडिया गठबंधन ने 1 जून की बैठक में लिया है। मतगणना अभिकर्ताओं को यह निर्देश भी जारी किए है कि वे निष्पक्ष मतगणना पूर्ण होने तक मतगणना केन्द्रों को न छोड़ें।
इतिहास के सबसे लंबे सात चरण के चुनाव से यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग विपक्ष की शिकायतों पर कोई कार्यवाही करने को तैयार नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय भी ऐसा लगा कि चुनाव आयोग के साथ कदमताल कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने ईवीएम में होने वाली धांधली को रोकने के लिए वीवीपीएटी की पर्चियों की 100% गिनती करने से इनकार कर दिया है। यहां तक कि मतदान के बाद मतदान केंद्रों में बैठने वाले मतदान अभिकर्ताओं को दिए जाने वाले 17 सी फॉर्म को भी अपलोड करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। चुनाव आयोग ने न तो मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू कराया, न ही प्रधानमंत्री द्वारा चुनाव के दौरान दिए गए 206 भाषणों, 80 साक्षात्कारों में 421 बार मंदिर-मस्जिद और 224 बार भारत-पाकिस्तान को लेकर टिप्पणियां किए जाने के बाद भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया है ।
सवाल यह है कि जनता द्वारा दिए गए जनादेश को यदि ई वी एम और डी एम के माध्यम से पलटा जाता है तब इंडिया गठबंधन, नागरिक समाज और देश के सजग नागरिक क्या करें?
मतगणना के दिन इंडिया गठबंधन की पार्टियों और नागरिक समाज के संगठनों को सुबह से मतदान केंद्र से 100 मीटर दूर ‘लोकतंत्र बचाओ- संविधान बचाओ- देश बचाओ’ जन आंदोलन केंद्र का तंबू लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना चाहिए।
जन आंदोलन केंद्रों के संचालन हेतु आज और कल के बीच समन्वय समितियों का गठन कर उन्हें जन आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। समन्वय समिति की घोषणा प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से की जानी चाहिए तथा लोकसभा क्षेत्र के सजग नागरिकों से निष्पक्ष मतगणना कराने हेतु बड़ी संख्या में जन आंदोलन केंद्रों पर एकजुट होने की अपील करनी चाहिए।
गाँधी जी के सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह के सिद्धांतों के अनुरूप
इन केंद्रों को काम करना चाहिए.
मुझे विश्वास है कि देश के सजग नागरिक जब सड़कों पर उतरेंगे तब निर्वाचन अधिकारियों पर निष्पक्ष मतगणना कराने का दबाव जरूर पड़ेगा ।
इंडिया गठबंधन को जनादेश के खिलाफ आने वाले नतीजे को स्वीकार नही करना चाहिए तथा चुनाव नतीजे को न्यायालयों, सड़कों और संसद में चुनौती देने की घोषणा करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि पहले बिहार फिर उत्तरप्रदेश और कुछ महीने पहले हुई मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ विधसन सभाओं में जनादेश के खिलाफ आए मैनीपुलेटेड नतीजों को पार्टियों द्वारा स्वीकार कर लिया गया था, इस कारण ही लोकसभा चुनाव के जनादेश को मैनीपुलेटेड
करने की हिम्मत सत्ताधीशों की पड़ रही है.
यदि 4 जून को जनादेश के अनुरूप नतीजा नहीं आता है तो जन आंदोलन केंद्रों को किसान आंदोलन, बेरोजगारों के आंदोलन, महिला और दलितों और आदिवासियों से जुड़े सवालों को हल कराने हेतु इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
इंडिया गठबंधन ने बेरोजगारी, महंगाई, किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्जा मुक्ति, महिलाओं और बेरोजगारों को एक लाख रुपए सालाना देने, 25 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा जैसे मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का कार्य किया है । उन समस्याओं को हल कराने का काम इन संघर्ष केंद्रों के माध्यम से किया जाना चाहिए।

  • Related Posts

    क्या लोकतंत्र शासकों के हुक्म का नाम है या लोगों के अधिकारों का?

    संजय के. झा   (मूल अंग्रेजी से हिन्दी…

    Continue reading
    जाति का विनाश’: संतराम बीए, आंबेडकर और गांधी के बीच वाद-विवाद और संवाद

    सिद्धार्थ रामू संतराम बीए (14 फरवरी, 1887 –…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    क्या डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने सनातन धर्म की उस अवधारणा को स्वीकार किया था जिसका दावा रूढ़िवादी हिन्दू करते हैं?

    क्या डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने सनातन धर्म की उस अवधारणा को स्वीकार किया था जिसका दावा रूढ़िवादी हिन्दू करते हैं?

    तो हम संसद अटेंड कर लेते

    तो हम संसद अटेंड कर लेते

    इंडिया गठबंधन मार्च : अखिलेश हिरासत में, UP में सपाइयों ने काटा बवाल

    इंडिया गठबंधन मार्च : अखिलेश हिरासत में, UP में सपाइयों ने काटा बवाल

    पंजाब सीएम के OSD के खिलाफ CBI जांच पर सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कब होगी सुनवाई?

    पंजाब सीएम के OSD के खिलाफ CBI जांच पर सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कब होगी सुनवाई?

    महाराष्ट्र में सूखे का संकट, किसानों का कर्जमाफ, सरकार ने बनाई 12 सदस्यीय कमेटी

    महाराष्ट्र में सूखे का संकट, किसानों का कर्जमाफ, सरकार ने बनाई 12 सदस्यीय कमेटी

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल, MEA- बंद कीजिए

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल, MEA- बंद कीजिए