किसानों के हक मारी कर बीमा कंपनियों को कर दिया मालामाल
किसानों को बीमा कंपनियों से पैसा दिलाने के लिए बड़ा आंदोलन छेड़ेगी किसान संघर्ष समिति
प्रधानमंत्री किसानों की हकमारी कर पूंजीपतियों को फायदा करा रहे हैं। किसानों को कर्जे के बोझ तले दबाया जा रहा है और पूंजीपतियों के लाखों करोड़ का कर्ज माफ़ किया जा रहा है। अब किसानों के नाम पर लाइ गई प्रधानमंत्री फसल बीमा में बड़ा घोटाला किया गया है जो पैसा किसानों को मिलना चाहिए था वह बीमा कंपनियों को दे दिया गया।
किसान संघर्ष समिति इस मामले को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। जो किसानों की हकमारी कर जो पैसा बीमा कंपनियों को दिया गया वह किसानों को दिया जाए। नहीं तो बीजेपी सरकारों को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। किसान संघर्ष समिति किसानों फसल बीमा योजना के नाम से किसानों के साथ धोखा नहीं होने देगी।
इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम से कितना बड़ा खेल चल रहा है कि महाराष्ट्र के अकेले परभणी जिले में एक सीजन में सोयाबीन की फसल के लिए किसानों, महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार की ओर से मिलकर एक निजी बीमा कंपनी को करीब 173 करोड़ रुपये का प्रीमियम दिया। इन सबके बावजूद किसानों को मात्र 30 करोड़ रुपये का मुआवजे ही मिला। इस तरह प्रीमियम और भुगतान के बीच करीब 143 करोड़ रुपये का अंतर रहा। जब एक जिले में एक फसल पर बीमा कम्पनी 143 करोड़ डकार गई तो देशभर में कितना बड़ा खेल चल रहा है, यह बात समझने की है। मतलब साफ़ है कि प्रधानमंत्री बीमा योजना के नाम पर किसानों के लाखो करोड़ रुपए की हकमारी कर बीमा कंपनियों को मालामाल किया जा रहा है।
किसानों से दुश्मनी निकाल रही बीजेपी सरकारों से से बेदखल करना बहुत जरुरी हो गया है। अब अमेरिका के दबाव में जो कृषि ट्रेड डील होने जा रही है उसमें किसानों को बर्बाद करने की तैयारी इस सरकार ने कर दी है। अब समय आ गया है कि किसानों को सड़कों पर उतरकर सरकार को मुंह तोड़ जवाब दिया जाए।
चरण सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान संघर्ष समिति








