हरियाणा की ‘मशरूम लेडी’: डॉ. सोनिया दहिया की प्रेरणादायक सफलता कहानी

हरियाणा के सोनीपत जिले की रहने वाली डॉ. सोनिया दहिया को आज ‘मशरूम लेडी’ के नाम से जाना जाता है। वे दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरएसटीयू) में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, लेकिन उनकी असली पहचान अब मशरूम की खेती से जुड़ी हुई है। सोनिया ने करीब 5 साल पहले (लगभग 2020 में) इस क्षेत्र में कदम रखा था, जब उन्होंने अपने पति डॉ. अजय दहिया के साथ मिलकर एक बड़ा रिस्क लिया। दोनों ने मिलकर 40 लाख रुपये का निवेश करके दो ग्रोइंग रूम बनाए और मशरूम फार्मिंग शुरू की।

शुरुआत कैसे हुई?

  • पृष्ठभूमि: सोनिया मूल रूप से इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं और यूनिवर्सिटी में पढ़ाती हैं। बचपन से ही उन्हें खेती-बाड़ी का शौक था, लेकिन वे कभी स्कूल खोलने का सपना देखती थीं। हालांकि, जीवन के मोड़ ने उन्हें मशरूम फार्मिंग की ओर मोड़ दिया।
  • चुनौतियां: शुरुआत में लोगों ने उन्हें हतोत्साहित किया। कईयों ने कहा कि मशरूम की खेती जोखिम भरी है और इसमें सफलता मिलना मुश्किल है। लेकिन सोनिया ने हार नहीं मानी। उन्होंने बटन मशरूम (Button Mushroom) की खेती पर फोकस किया, जो कम जगह में ज्यादा उत्पादन देता है।
  • तकनीक: वे हाई-टेक तरीके अपनाती हैं, जैसे नियंत्रित तापमान और नमी वाले ग्रोइंग रूम। फार्म में 10-12 ग्रोइंग रूम हैं, जहां साल भर मशरूम उगाए जाते हैं।

आज की सफलता

  • टर्नओवर: आज उनका मशरूम फार्म सालाना 1.20 करोड़ रुपये का टर्नओवर कर रहा है। इसमें से 25-30 लाख रुपये शुद्ध लाभ होता है।
  • उत्पादन: वे प्रतिमाह 20-25 टन मशरूम का उत्पादन करती हैं, जो दिल्ली-एनसीआर और अन्य बाजारों में बिकता है। मशरूम को वे ताजा और प्रोसेस्ड (जैसे पाउडर, अचार) रूप में बेचती हैं।
  • सम्मान: मार्च 2025 में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मेगा वेजिटेबल एक्सपो में उन्हें राज्य स्तरीय दूसरा पुरस्कार दिया। यह महिलाओं के लिए सफलता की मिसाल है।

प्रेरणा और संदेश

सोनिया कहती हैं कि खेती में सफलता के लिए धैर्य और नई तकनीक सीखना जरूरी है। वे युवाओं को सलाह देती हैं कि पारंपरिक खेती के अलावा वैकल्पिक फसलें जैसे मशरूम अपनाएं, जो कम निवेश में ज्यादा मुनाफा देती हैं। उनका फार्म न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी, क्योंकि मशरूम उगाने में पानी और जगह की कम जरूरत पड़ती है।

यदि आप उनकी पूरी कहानी या मशरूम फार्मिंग के टिप्स जानना चाहें, तो बताएं!

  • Related Posts

    किसान संघर्ष समिति की बैठक में अमेरिका इजरायल की निंदा !
    • TN15TN15
    • March 10, 2026

    रीवा। किसान संघर्ष समिति की मासिक बैठक जिला…

    Continue reading
    दोहरे मापदंड महिला आजादी में बाधक : नारी चेतना मंच
    • TN15TN15
    • March 10, 2026

    समाज में स्त्री पुरुषों की भूमिका गाड़ी के…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण

    • By TN15
    • March 12, 2026
    भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण

    बदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!

    • By TN15
    • March 12, 2026
    बदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!

    339वीं किसान पंचायत संपन्न, युद्ध नहीं शांति चाहिए

    • By TN15
    • March 12, 2026
    339वीं किसान पंचायत संपन्न,  युद्ध नहीं शांति चाहिए

    अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।

    • By TN15
    • March 12, 2026
    अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।

    ‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!

    • By TN15
    • March 12, 2026
    ‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!

    कहानी: “नीलो – सत्ता को चुनौती की कीमत “

    • By TN15
    • March 12, 2026
    कहानी: “नीलो – सत्ता को चुनौती की कीमत “