अमित शाह बनाम योगी बन गया था चुनाव, विपक्ष ने भी मौके का उठाया पूरा लाभ, दिया रूडी को समर्थन

दिल्ली – नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में इस बार चुनावी माहौल कुछ ऐसा था, जैसा आमतौर पर यहां देखने को नहीं मिलता। यह चुनाव किसी राज्य विधानसभा या लोकसभा का नहीं था, बल्कि क्लब के सचिव (प्रशासन) पद का था—पर दिलचस्पी, रणनीति और सियासी दांवपेंच किसी बड़े चुनाव से कम नहीं। मुकाबला था भाजपा के ही दो दिग्गज नेताओं के बीच—पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी बनाम पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान।

इस पद का चुनाव अक्सर निर्विरोध होता है, लेकिन इस बार मामला उल्टा निकला। बालियान अचानक मैदान में उतरे, और राजनीतिक गलियारों में कानाफूसी होने लगी कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के “अनौपचारिक” उम्मीदवार हैं। दूसरी तरफ रूडी थे, जिन्हें अप्रत्याशित रूप से विपक्षी खेमे का समर्थन मिलने लगा।

कौन किसके साथ?
मुकाबले की पृष्ठभूमि में दिलचस्प समीकरण बने। बालियान के पक्ष में*भाजपा सांसद निशिकांत दुबे खुले समर्थक के रूप में सामने आए। वे भी अमित शाह के नजदीकी माने जाते है। अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मतदान करने क्लब पहुंचे। वहीं रूडी को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों का खुला समर्थन मिला।

रूडी ने रणनीति में “बिहारी अस्मिता” और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ठाकुर लॉबी के मुद्दे को भी चुनावी विमर्श में ला दिया, जिसे विपक्ष ने तुरंत भुनाया। सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी खुद वोट डालने पहुंचे। विपक्ष का मकसद साफ था—भाजपा के अंदर ही एक बड़े चेहरे को हराकर राजनीतिक संदेश देना।

कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब के चुनाव में संजीव बालियान हारे, राजीव प्रताप रूडी 100 से ज़्यादा वोट से जीते

 

मतदान से मतगणना तक का रोमांच

 

कुल 1,295 मतों में से 707 वोट पड़े। मतदान बैलेट पेपर से हुआ, जिससे विपक्ष ने तंज भी कसा—“न EVM, न चुनाव आयोग, न मतदाता सूची—तभी यह नतीजा आया।” देर रात 2 बजे तक मतगणना जारी रही। शुरू में मुकाबला कांटे का रहा, लेकिन धीरे-धीरे रूडी ने बढ़त बनाई और अंत में 102 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें 392 वोट मिले, जबकि बालियान को 290।

 

जीत के बाद रूडी का व्यंग्य

 

जीत के बाद रूडी ने कहा—“मैं शायद 100 से ज्यादा वोटों से जीता, अगर इसे 1000 से गुणा करें तो यह एक लाख हो जाते हैं।” उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी जोड़ा कि उनके पैनल में कांग्रेस, सपा और टीएमसी के सांसद थे और सभी ने पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर मतदान किया।

रूडी का पैनल भी पूरे का पूरा विजयी रहा। अन्य पदों—सचिव (खेल), सचिव (संस्कृति) और कोषाध्यक्ष—पर क्रमशः कांग्रेस के राजीव शुक्ला, डीएमके के तिरुचि शिवा और भारत राष्ट्र समिति के पूर्व सांसद एपी जितेंद्र रेड्डी बिना मुकाबले जीत गए।

उत्तर प्रदेश से पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल, सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के सांसद बेटे अक्षय यादव, हरियाणा से दीपेंद्र हुड्डा और नवीन जिंदल समेत जसवीर सिंह गिल, एन.के. प्रेमचन्द्रन, प्रदीप कुमार वर्मा, प्रसून बनर्जी
श्रीरंग आप्पा वारणे,कालिकेश एन. सिंह देव और प्रदीप गांधी भी रूडी के पैनल की तरफ से चुनाव जीत गए है।

 

 

राजनीतिक मायने और आगे की रणनीति

 

इस नतीजे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इसे दिल्ली बनाम यूपी *की लड़ाई और विपक्ष की “रणनीतिक जीत” के *रूप में देखा जा रहा है। बिहार चुनाव की पृष्ठभूमि *में रूडी की जीत को “बिहारी अस्मिता” से जोड़कर भाजपा को बैकफुट पर लाने की भी तैयारी हो रही है।

हालांकि यह एक “क्लब चुनाव” था, पर इसमें लगी दांवपेंच, गुटबाजी और रणनीति ने इसे राष्ट्रीय राजनीति के मंच पर ला खड़ा किया। इस मुकाबले ने साफ कर दिया कि सत्ता के गलियारों में छोटे से छोटा चुनाव भी बड़े राजनीतिक संदेश लेकर आता है।

  • Related Posts

    Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?
    • TN15TN15
    • July 17, 2026

    20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के…

    Continue reading
    मानसून सत्र: ‘फिर वही करने जा रही सरकार’, परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे 
    • TN15TN15
    • July 16, 2026

    संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    संसद में पेश होने से पहले ही वंदे मातरम बिल पर छिड़ गई बहस, कांग्रेस ने बताया संविधान के खिलाफ

    • By TN15
    • July 17, 2026
    संसद में पेश होने से पहले ही वंदे मातरम बिल पर छिड़ गई बहस, कांग्रेस ने बताया संविधान के खिलाफ

    सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- ‘मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर…’

    • By TN15
    • July 17, 2026
    सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- ‘मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर…’

    सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरना

    • By TN15
    • July 17, 2026
    सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरना

    Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?

    • By TN15
    • July 17, 2026
    Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?

    सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरना

    • By TN15
    • July 17, 2026
    सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरना

    बदले जाएंगे 10 और 20 रुपए के नोट, आरबीआई ने कर दिया बड़ा ऐलान!

    • By TN15
    • July 17, 2026
    बदले जाएंगे 10 और 20 रुपए के नोट, आरबीआई ने कर दिया बड़ा ऐलान!