श्यामपुर के जंगल में बाघ की मौत से हड़कंप, चारों पंजे काटे जाने से शिकार की आशंका

उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के श्यामपुर रेंज के जंगलों से वन्यजीव अपराध का एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। सजनपुर बीट क्षेत्र में एक युवा नर बाघ का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। बाघ के शव की हालत देखकर अधिकारियों को सुनियोजित शिकार की आशंका है, खासकर इस वजह से कि उसके चारों पंजे काट लिए गए थे। जानकारी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर मिली सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। जंगल के भीतर मिले इस शव की स्थिति बेहद भयावह थी। बाघ के चारों पंजे गायब थे, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि अवैध शिकार का मामला हो सकता है। वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के लिए इस तरह के अपराध अक्सर किए जाते हैं, जिससे इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

जहरीला मांस खिलाकर शिकार की आशंका

 

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि शिकारियों ने बड़ी चालाकी से बाघ को निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि जंगल में पहले से एक मृत भैंस पर जहरीला पदार्थ लगाया गया और उसे चारे के रूप में छोड़ दिया गया। जैसे ही बाघ ने उस मांस को खाया, जहर के असर से उसकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने मौके का फायदा उठाते हुए बाघ के पंजे काट लिए. माना जा रहा है कि इन पंजों को अवैध बाजार में बेचने की योजना थी।

 

वन विभाग ने बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

 

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सही कारणों की पुष्टि होने की उम्मीद है।

 

वन ने विभाग ने एक शख्स को किया गिरफ्तार

इस मामले में वन विभाग ने तेजी दिखाते हुए एक वन गुज्जर को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है. वहीं, एक अन्य संदिग्ध आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए गहन जांच की जा रही है।

 

बाघ की खाल और दांत सुरक्षित मिले

 

हरिद्वार के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि बाघ की खाल और दांत सुरक्षित मिले हैं, लेकिन पंजों का काटा जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह मामला वन्यजीव तस्करी से जुड़ा हो सकता है. उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

 

संदिग्ध गतिविधियों पर रखी जा रही नजर

 

घटना के बाद श्यामपुर रेंज और आसपास के जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और इस तरह के अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है, जिससे निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

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