महाराष्ट्र में मराठी विवाद ने लिए नया मोड़
मुंबई। महाराष्ट्र में मराठी-हिंदी भाषा विवाद ने नया मोड़ ले लिया है, जिसमें नितेश राणे ने ठाकरे बंधुओं (उद्धव और राज ठाकरे) पर तीखा हमला बोला है। राणे ने इस विवाद को हिंदू-मुस्लिम मुद्दे से जोड़ते हुए कहा कि ठाकरे बंधु केवल गरीब हिंदुओं पर अपनी ताकत दिखाते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे मुस्लिम बहुल इलाकों जैसे मोहम्मद अली रोड या नल बाजार में जाकर मराठी बोलने की मांग करें या अजान को मराठी में पढ़वाने की बात कहें। राणे ने कहा, “ये लोग हिंदू समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारी सरकार हिंदुओं पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।”
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज ठाकरे की मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) के कार्यकर्ताओं पर मराठी न बोलने के लिए दुकानदारों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। ठाणे के मीरा रोड में एक दुकानदार, बाबूलाल चौधरी, के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद व्यापारी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। राणे ने इसे हिंदुओं के खिलाफ साजिश करार देते हुए कहा कि ठाकरे बंधु मराठी अस्मिता के नाम पर हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं।
वहीं, ठाकरे बंधुओं ने हिंदी को स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य करने के सरकारी फैसले का विरोध किया था, जिसे 29 जून 2025 को भारी विरोध के बाद सरकार ने वापस ले लिया। आदित्य ठाकरे ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि मराठी या महाराष्ट्र का अपमान होने पर लोगों की भावनाएं भड़क सकती हैं, लेकिन कुछ घटनाओं को भाषा या समुदाय से जोड़ना गलत है।
राणे के बयानों ने इस विवाद को और गरमा दिया है, और इसे वोट बैंक की राजनीति से भी जोड़ा जा रहा है, खासकर आगामी नगर निगम चुनावों के मद्देनजर।








