बिहार की सत्ता के लिए केजरीवाल के रास्ते पर चले तेजस्वी यादव!

मुंगेर में सरकार बनने पर 200 यूनिट फ्री बिजली देने की कही बात
चिंता का विषय है फ्री की योजनाओं का अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर

द न्यूज 15 ब्यूरो
पटना/नई दिल्ली। तो क्या देश में फ्री योजनाओं पर सत्ता हासिल करने की राजनीति का बोलबाला हो रहा है। तो क्या लोगों को भी रोजगार से कोई मतलब नहीं रह गया है। तो इन फ्री योजनाओं से देश और समाज का विकास हो रहा है ? देश में हो रही फ्री योजनाओं की राजनीति से तो देखकर ऐसा ही लग रहा है। दिल्ली में फ्री की योजनाओं के दम पर लगातार राज कर रहे अरविंद केजरीवाल के रास्ते पर चलने का रोडमैप आरजेडी के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बना रहे हैं। बाकायदा तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम के तहत हो कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि यदि वह सत्ता में आये तो 200 यूनिट फ्री बिजली देंगे।
दरअसल नीतीश कुमार के एनडीए में जाने के बाद जहां लोकसभा चुनाव में एनडीए ने जबरदस्त जीत दर्ज की है वहीं विधानसभा उप चुनाव में भी चारों सीटें जीत ली हैं। जहां नीतीश कुमार महिला संवाद यात्रा निकाल कर चुनाव को मजबूत कर रहे हैं वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान आरजेडी के एमवाई समीकरण से अलग अपना एमवाई समीकरण बना लिया है। ऐसे में तेजस्वी यादव दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की योजनाओं की तरह फ्री बिजली की योजना लाने की बात कर रहे हैं।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि यदि फ्री की योजनाओं पर चुनाव जीते जाते रहेंगे तो फिर काम कौन करेगा ? दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने फ्री राशन, पानी, बिजली और शिक्षा देने की बात कर दिल्ली की सत्ता हथिया ली है। केंद्र और कई प्रदेशों में बहुमत के साथ सरकार चला बीजेपी भी फ्री की योजनाओं पर विश्वास कर रही है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच साल और फ्री की राशन योजना को बढ़ा दिया है। गत लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने महिलाओं को साल में एक लाख रुपये, युवाओं को अप्रेंटिस के लिए आर्थिक मदद और किसानों के कर्जे माफ की बात मेंशन की थी। वह फ्री की ही योजनाएं थी कि कांग्रेस लोकसभा में 100 सीटें लेकर आई। साथ ही उत्तर प्रदेश में फ्री की योजनाओं का फायदा सपा को भी मिला। सपा लोकसभा चुनाव में 37  सीटें हासिल की।
तो क्या इन योजनाओं का देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ता है। असर तो पड़ता है पर किसी को इसकी चिंता नहीं है। यदि राज्यों पर कर्जे पर बात करें तो तमिलनाडु पर साड़े छह लाख करोड़ का दर्ज है तो महाराष्ट्र पर छह लाख और पश्चिम बंगाल पर पांच लाख, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और हरियाणा पर भी चार लाख-चार लाख करोड़ का कर्ज है। बिहार पर भी लगभग चार लाख करोड़ कर्ज बताया जा रहा है। जहां तक केंद्र सरकार पर कर्जे की बात है तो मानसून सत्र में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने केंद्र पर 171.78 ट्रिलियन रुपये कर्ज है। ऐसे में बताया जा सकता है कि फ्री की योजनाओं का देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है।

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