तेजस्वी जी कितना माल छापे थे!

 ट्रांसफर-पोस्टिंग पर BJP ने दिखाया RJD को आंकड़ों वाला आईना

दीपक कुमार तिवारी

पटना । कितना छापे तेजस्वी जी! अपने पिता लालू जी का कीर्तिमान ध्वस्त कर पाए या नहीं, माल छापने में! उपरोक्त बयान है, बीजेपी नेता और वरिष्ठ प्रवक्ता नीरज कुमार के। नीरज कुमार ने आंकड़ों और तथ्यों को सामने रखते हुए एक्स पर सवाल पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव से पूछा है। नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के कार्यकाल में हुए ट्रांसफर पोस्टिंग और उसको लेकर हुए विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों का पूरा लेखा जोखा शेयर किया है। नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव से पूछा है कि जब आप तत्कालीन डिप्टी सीएम रहे, उस वक्त आपने कितना माल छापा! नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के 2016 वाले कार्यकाल की याद दिलाई है। उन्होंने कहा है कि उस समय पथ निर्माण विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया गया। विपक्ष ने उस वक्त तेजस्वी यादव को घेरा था। इस तबादले में पैसों के लेनदेन की बात सामने आई थी।
वरिष्ठ प्रवक्ता नीरज कुमार आगे बताते हैं कि तेजस्वी यादव ने 2016 में पथ निर्माण विभाग में 1 अभियंता प्रमुख, 6 मुख्य अभियंता, 57 अधीक्षण अभियंता और 112 कार्यपालक अभियंताओं का तबादला किया। इसके अलावा 138 सहायक अभियंताओं का तबादला किया। उस वक्त विपक्ष ने काफी हल्ला मचाया। कहा गया कि इस तबादले के खेल में जमकर पैसे की धांधली हुई है। तेजस्वी ने उस वक्त ये कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि ये लोग चार वर्षों से एक ही जगह जमे हुए थे। उसके बाद नीरज कुमार जीतन राम मांझी के 26 फरवरी, 2024 के दिए बयान को कोट करते हुए पूछते हैं कि आखिर आपके ऊपर आरोप कैसे लगे तेजस्वी जी?
जीतन राम मांझी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि पिछली महागठबंधन की सरकार में तेजस्वी यादव ने ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर 50-50 लाख रुपए लेकर करोड़ रुपए कमाए हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बड़े पैमाने पर सीओ के ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल करने जा रहे थे, लेकिन समय रहते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसा नहीं होने दिया। हालांकि, तेजस्वी यादव ने हजारों करोड़ रुपए जरूर कमा लिए है। नीरज कुमार ने आगे बताया कि साल 2023 के जून माह में करीब 1000 कर्मचारी और अधिकारियों का तबादला किया गया था। राजस्व और भूमि सुधार विभाग में 480 अधिकारियों का तबादला हुआ। हालांकि आदेश पारित होने के 25 दिनों के अंदर सीएम नीतीश कुमार ने इसे रद्द कर दिया था।
उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भी 500 तबादलों को रद्द किया गया था। बता दें कि महागठबंधन की सरकार में राजद नेता आलोक मेहता भूमि एवं राजस्व विभाग में मंत्री थे और तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम के अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय का भी जिम्मा था। इन तबादलों में लाखों रुपये की राशि वसूलने का आरोप आरजेडी कोटे के मंत्रियों पर लगा था। वरिष्ठ प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव के विभाग में हुए इस तबादले को लेकर मुख्यमंत्री ने खुद संज्ञान लिया था। कारण ये था कि इन तबादलों में शिकायत मिली थी कि गड़बड़ी की गई है और पैसे का लेनदेन हुआ है। खुद मुख्यमंत्री का बयान जान लीजिए- मुख्यमंत्री ने 26 जुलाई, 2023 को कहा था कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए पहले से नियम तय है। तबादले के बाद हमको हर पार्टी के लोगों ने शिकायत की थी। इसके बाद हमने जांच कराई तो गड़बड़ी सामने आई। फिर हमने विभाग को उसे रद्द करने को कहा। अब नए सिरे से ट्रांसफर की लिस्ट तैयार की जाएगी।
वरिष्ठ बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने आगे कहा कि 30 जून, 2023 की रात को ट्रांसफर-पोस्टिंग के पांच आदेश जारी किए गए थे। जिसके तहत 517 पदाधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी की गई थी। 30 अफसरों को मूल कैडर में वापस भेजा गया था। बाकी 487 को बिहार के अलग-अलग ब्लॉक में पोस्टिंग की गई थी। इनमें सबसे ज्यादा 395 अंचलाधिकारी यानि सीओ की ट्रांसफर-पोस्टिंग की गई थी। करीब 75 फीसदी सीओ का एक झटके में तबादला कर दिया गया था। इसमें भ्रष्टाचार और पैसे का लेनदेन हुआ था। 16 फरवरी, 2024 को नीतीश सरकार (Nitish Kumar) ने तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के डिप्टी सीएम रहते विभागों में किए गए कामों की समीक्षा के आदेश जारी किए। नीरज कुमार ने साफ कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि तेजस्वी के कार्यकाल में ट्रांसफर पोस्टिंग में जमकर पैसों का खेल हुआ। अब तेजस्वी यादव खुद से पूछें कि उनके कार्यकाल के स्थानांतरण पर इतने सवाल कैसे उठे?

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