एनडीए को भारी पड़ सकता है दुलारचंद हत्याकांड और ललन सिंह का बड़बोलापन
नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाए जाने पर बिदक सकता है उनका वोट बैंक
चरण सिंह
नई दिल्ली/पटना। बिहार में गुरुवार को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में एनडीए पिछड़ता दिखाई दे रहा है। मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड का असर 121 सीटों पर होने जा रहे चुनाव पर होता दिखाई दे रहा है। अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड का आरोपी बनाए जाने पर यह संदेश गया है कि एनडीए की सरकार बनने पर भले ही मुख्यमंत्री कोई भी बने पर भूमियार हावी होने वाले हैं। ऊपर से केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने और बोल दिया कि एक दो नेताओं को उनके घर में ही कैद कर लो। ऐसे में एक ओर यादव वोट बैंक के महागठबंधन के पक्ष में लामबंद होने की संभावना दिखाई दे रही वहीं छोटे तबके का नीतीश कुमार का वोट बैंक में भी नाराजगी देखी जा रही है।
पहले चरण में होने जा रहे 121 सीटों पर चुनाव में दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के साथ ही 15 मंत्रियों के भविष्य का फैसला होना है। महागठबंधन की ओर से सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव की सीट राघोपुर पर भी कल ही चुनाव है। आरजेडी से अलग होकर जनशक्ति राष्ट्रीय जनता दल पार्टी बनाकर महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे तेज प्रताप का चुनाव भी कल ही है। पहले चरण के चुनाव में एनडीए की ओर से 57 सीटों पर जेडीयू, 48 पर बीजेपी, 13 पर लोजपा (रामविलास) दो पर उपेंद्र कुशवाहा चुनाव लड़ रहे हैं तो महागठबंधन की ओर से 71 पर आरजेडी, 24 पर कांग्रेस 21 पर वामपंथी चुनाव लड़ रहे हैं।
भले ही एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार कर रहे हों पर जिस तरह से नीतीश को अभी तक मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया गया। ऐसे में नीतीश के वोट बैंक के भी महागठबंधन से सटने की उम्मीद जग रही है। मतलब पहले चरण के चुनाव में पलड़ा महागठबंधन का भारी पड़ रहा है।






