सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका उत्तर प्रदेश सरकार के 2017 के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें मंदिरों के मेलों और धार्मिक समारोहों को सरकारी ‘मेला’ घोषित कर उनका प्रबंधन राज्य के नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया गया था। स्वामी ने अपनी याचिका में दावा किया कि यह अधिसूचना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता), और अनुच्छेद 31ए (संपत्ति के अधिकार) का उल्लंघन करती है। उनका कहना है कि यह फैसला मंदिरों और उनके धार्मिक समारोहों के प्रशासन, प्रबंधन और नियंत्रण को असंवैधानिक और मनमाने तरीके से सरकार के हाथों में सौंपने का प्रयास है।
इस मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में होनी थी, लेकिन स्थगित होकर अब 17 जनवरी 2026 को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस याचिका पर जवाब मांगा है।
इस मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में होनी थी, लेकिन स्थगित होकर अब 17 जनवरी 2026 को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस याचिका पर जवाब मांगा है।






