Noida News : पेट के कीड़े बच्चों के स्वास्थ्य को पहुंचाते हैं नुकसान, उनको निकालना जरूरी : सीएमओ

निठारी स्थित कम्पोजिट स्कूल में सीएमओ ने बच्चों को खिलाई पेट के कीड़े निकालने की दवा

नोएडा । पेट के कीड़े हमें बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। अगर आपके पेट में कीड़े हैं तो आप जो कुछ भी खाते हो, उसे कीड़े खा जाते हैं और आपके शरीर को कुछ नहीं मिलता। पेट के कीड़े निकालने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से साल में दो बार एल्बेंडाजॉल खिलाई जाती है। सभी बच्चों को यह दवा खानी चाहिए। यह बात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने शुक्रवार को निठारी स्थित कम्पोजिट स्कूल में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर बच्चों को दवा खिलाने के दौरान कही। डॉ. शर्मा ने बच्चों को पेट के कीड़े निकालने की दवा का महत्व बताया साथ ही यह भी बताया कि इसे खाना क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा पेट में कीड़े होने से स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।

कीड़े शरीर में कमजोरी पैदा करते हैं क्योंकि जो खाना और तत्व आपके शरीर में पहुंचना चाहिए वह कीड़े खा जाते हैं, इससे शरीर में खून की कमी, कैल्शियम की कमी, कुपोषण हो जाता है। इसके अलावा दस्त, कब्ज, स्किन एलर्जी हो जाती है। कई बार यह कीड़े दिमाग में भी चले जाते हैं । बच्चे स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें इसलिए स्वास्थ्य विभाग साल में दो बार एक से 19 वर्ष तक के बच्चों, किशोर-किशोरियों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाता है। फरवरी और अगस्त में यह दवा खिलाई जाती है। इसके बाद सीएमओ ने बच्चों को बारी-बारी से दवा खिलाई। इस दौरान स्कूल के बच्चों ने बहुत ही अनुशासित ढंग से शांतिपूर्वक दवा का सेवन किया। दवा खिलाने से पूर्व स्कूल की सहायक अध्यापिका कुसुम लता शर्मा ने बच्चों को बताया कि किस तरह से उन्हें दवा खानी है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन बच्चों की इस समय तबीयत खराब हो या खाना नहीं खाया हो वह इस दवा को नहीं खाएं। जो बच्चे अभी दवा नहीं खा पाएंगे उन्हें 13 से 15 फरवरी को दवा खिलाने की व्यवस्था है। आरबीएसके की डीईआईसी मैनेजर रचना वर्मा ने बताया- शुक्रवार (10 फरवरी) को जनपद के सभी सरकारी, निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, मदरसों में कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजॉल खिलाई गयी। निठारी स्थित कंपोजिट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुनील कुमार शर्मा के साथ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के नोडल अधिकारी डा. अमित कुमार, डीईआईसी मैनेजर रचना वर्मा, रीकेश उपस्थित रहे। स्कूल की प्रधानाध्यापिका अर्चना शर्मा, सहायक अध्यापक-अध्यापिका दीपिका रस्तोगी, चंद्र शेखर गोयल, कमला सिंह, कुसुम लता शर्मा, सरोजवाला, कमल, संजू कुमारी, शशि मिश्रा आदि का विशेष सहयोग रहा।

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