झारखंड हाईकोर्ट का है, जहां एक वकील ने जज के सामने बहस के दौरान कुछ ऐसा कहा जिससे मामला वायरल हो गया। वीडियो में वकील जज से कहते हैं: “हद में रहें” (Stay within limits), मतलब जज को अपनी सीमा में रहने की सलाह देते हुए। जज (जो जस्टिस जॉयमाल्या बागची थे) ने तुरंत जवाब दिया कुछ इस अंदाज में।
“If he wants to show his eyes there, let him show, and then we will see. We know how to deal with this.”
(अगर आंख दिखानी है तो दिखा लो, फिर देखते हैं। हमें पता है इसे कैसे हैंडल करना है।)
यह सुनकर कोर्ट में हलचल मच गई, और जज ने वकील को फटकार लगाई। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां वकील को क्रिमिनल कंटेम्प्ट के लिए अनकंडीशनल माफी मांगनी पड़ी, या हाई कोर्ट में माफी देने की इजाजत मिली। यह घटना वकील-जज के बीच गरमागरम बहस और कोर्ट की गरिमा बनाए रखने के मुद्दे पर चर्चा का विषय बनी। कई जगहों पर इसे “CJI ने क्लास लगाई” कहकर शेयर किया जाता है, लेकिन असल में यह CJI (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) की बेंच नहीं थी, बल्कि हाई कोर्ट का मामला था, हालांकि वायरल क्लिप्स में इसे CJI से जोड़कर प्रचारित किया जाता है।








