Special on International Yoga Day : शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अपनाएं

“स्वयं और समाज के लिए योग” थीम पर मनाया जा रहा दिवस

नोएडा । जीवन का असली आनन्द पूर्ण रूप से स्वस्थ रहने में ही है, चाहे वह शारीरिक स्वास्थ्य हो या मानसिक। जीवन में जल्दी से जल्दी सब कुछ हासिल कर लेने और एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में आज लोगों के पास अपने लिए वक्त ही नहीं है। समय से सोने, खाने और शारीरिक श्रम के नियम का पालन न करने का परिणाम यह रहा कि लोगों को असमय कई तरह की बीमारियाँ घेरने लगीं। इसी को ध्यान में रखते हुए देश ही नहीं विदेश में भी आज योग को इतनी महत्ता मिल रही है और हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इसके माध्यम से योग को जीवन का अहम हिस्सा बनाने की अपील की जाती है और जगह-जगह योगाभ्यास भी कराया जाता है। इसके साथ ही यह सन्देश भी जन-जन तक पहुंचाया जाता है कि पूर्ण रूप से स्वस्थ, खुशहाल व प्रसन्न व्यक्ति ही अपने साथ समाज और राष्ट्र की समृद्धि में मददगार बन सकता है।

पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुकेश कुमार शर्मा का कहना है कि योग को देश की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार माना जाता है, जो शरीर के साथ दिमाग की भी सेहत को दुरुस्त रखता है। हमारी बदलती लाइफस्टाइल में यह एक तरह की ऊर्जा का संचार करता है। इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की इस साल की थीम-“स्वयं और समाज के लिए योग” तय की गयी है। इसका मूल उद्देश्य है कि योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बढ़ाता है बल्कि सामाजिक कल्याण में भी योगदान देता है। योग मनुष्य को लम्बी उम्र का वरदान भी प्रदान करता है। योगासन शरीर को लचीला बनाने, पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ ही लीवर-किडनी व शरीर के अन्य आंतरिक अंगों को स्वस्थ बनाने में बहुत ही लाभकारी है। रीढ़ की हड्डी, पेट व कमर के लिए जैसे अर्ध मत्स्येन्द्रासन को बहुत उपयोगी बताया गया है। इसी तरह से सूर्य नमस्कार और प्राणायाम को तो हर किसी के लिए उपयोगी बताया गया है जो कि कई तरह की बीमारियों से शरीर को सुरक्षित बनाते हैं। इनके दैनिक अभ्यास से शरीर निरोगी, स्वस्थ और चेहरे की चमक बढ़ जाती है। पेट की चर्बी घटती है और तनाव को दूर करता है। मासिक धर्म को नियमित करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है। मांशपेशियों में लचीलापन आता है और रक्त का संचार संतुलित मात्रा में होता है । इस तरह साफ़ कहा जा सकता है कि योग मात्र शारीरिक व्यायाम ही नहीं, अपितु एक सम्पूर्ण चिकित्सा विज्ञान भी है। योग के पथ पर चलने के साथ ही यह भी जरूरी है कि जीवन में सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह, सोच, संतोष, तप और स्वाध्याय को भी शामिल करें तभी सही मायने में योग का लाभ मिल सकता है।

  • Related Posts

    नोएडा श्रमिक प्रदर्शन मामले में वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा को जमानत मिली, जेल से छूटने में फंसा ये पेंच?

    प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में हुए…

    Continue reading
    यूपी के स्कूलों का ऑडिट करेगी CJP, सौरभ दास ने युवाओं से की ये अपील

    कॉकरोच जनता पार्टी ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    दिग्गज एक्टर अनंत नाग को मिलेगा दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

    दिग्गज एक्टर अनंत नाग को मिलेगा दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

    उमर खालिद तुम्हें कसम है

    उमर खालिद तुम्हें कसम है

    गुजरात महिला कांग्रेस चीफ के बेटे को ATS ने फर्जी पासपोर्ट मामले में किया गिरफ्तार 

    गुजरात महिला कांग्रेस चीफ के बेटे को ATS ने फर्जी पासपोर्ट मामले में किया गिरफ्तार 

    इंदिरा गांधी का जिक्र कर राहुल गांधी बोले, ‘पीएम मोदी UPI Tax वापस लीजिए’

    इंदिरा गांधी का जिक्र कर राहुल गांधी बोले, ‘पीएम मोदी UPI Tax वापस लीजिए’

    EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15000 से बढ़कर 25000 हुई वेतन सीमा

    EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15000 से बढ़कर 25000 हुई वेतन सीमा

    यूपी में मानी गई पंचायत सहायकों की बात, मिलेंगे 9000 रुपए महीना, वापस होंगे मुकदमे 

    यूपी में मानी गई पंचायत सहायकों की बात, मिलेंगे 9000 रुपए महीना, वापस होंगे मुकदमे