तो आदमी के शरीर में चढ़ाया जा रहा जानवरों का खून?

हैदराबाद से लेकर हरियाणा तक चल रहा गंदे खून का धंधा

चरण सिंह

कहा जाता है कि जब लोग जाति और धर्म की राजनीति में इतने मशगूल हो जाते हैं कि उन्हें कहीं पर कुछ गलत होता नहीं दिखाई देता है। लोगों की इस उदासीनता का फायदा उठाते हुए धंधेबाज लोग कितने गिरकर काम करने लगते हैं इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। कल्पना कीजिये कि आदमी के शरीर में आदमी नहीं बल्कि जानवरों का खून चढ़ाया जा रहा है तो कैसा लगेगा ? यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं बल्कि जमीनी हकीकत है। जानकारी मिल रही है कि जिंदा जानवरों का खून निकालने का धंधा बड़े स्तर पर चल है। आशंका जताई जा रही है कि आदमी के खून में यह खून मिलाकर लोगों को चढ़ाया जा रहा है। यह भी दर्दनाक और शर्मनाक है कि यह खून किसी वधशाला से नहीं बल्कि जिंदा जानवरों से निकाला जा रहा है।

दरअसल हैदराबाद के काचेगुड़ा क्षेत्र में CNK इम्पोर्ट तथा एक्सपोर्ट कंपनी में खून का काला कारोबार चल रहा है। पुलिस ने जब CNK इम्पोर्ट तथा एक्सपोर्ट कंपनी के ऊपर छापा मारा तो वहां का जो नजारा था उसे जानकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। उस कंपनी में बड़ी मात्रा में संरक्षित खून के कंटेनर रखे हुए थे, जो बाहर भेजे जाने के लिए तैयार थे। इस छापेमारी में मौके से लगभग 1,000 लीटर भेड़ और बकरी का खून बरामद हुआ है।

ऐसा नहीं है कि यह कारोबार बस हैदराबाद में ही चल रहा है। गंदे खून का यह काला धंधा तेलंगाना से लेकर हरियाणा तक फैला हुआ है। जानकारी मिल रही है कि जीवित जानवरों से खून एकत्र कर हरियाणा स्थित एक फर्म को भेजा जा रहा था। देखने की बात यह है कि खून किसी वधशाला से नहीं बल्कि जीवित जानवरों से निकाला जा रहा था। जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में पशु शोषण और अवैध बायोमेडिकल सप्लाई चेन का यह सबसे बड़ा मामला है। जांचकर्ताओं ने पाया कि इस खून को हरियाणा की एक फर्म में भेजा जा रहा था।
हालांकि, इस खून का अंतिम उपयोग क्या था, इस पर अभी रहस्य बना हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इसका उपयोग अवैध क्लीनिकल ट्रायल में किया जा रहा होगा। अनाधिकृत चिकित्सा अनुसंधान में इसे एक सस्ते विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

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