लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज के लोगों के लिए आरक्षण की मांग उठाई है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में संजय निषाद ने कहा कि वह बीजेपी विधायकों से अपील करते हैं कि आरक्षण की मांग को उठाया जाए। साथ ही संजय निषाद ने कहा कि आरक्षण देने में देरी नहीं करनी चाहिए, अगर देरी हुई तो वह धरने पर बैठने के लिए तैयार हैं। सरकार चाहे तो उनसे उनका मंत्री पद ले ले, लेकिन आरक्षण की मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए इसे जल्द से जल्द लागू करे।
दरअसल रविवार को निषाद पार्टी का 11वां स्थापना दिवस था। इस मौके पर लखनऊ में एक बड़ा कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में संजय निषाद ने कहा कि निषाद समाज के लिए आरक्षण की मांग पर बीजेपी सरकार जल्द फैसला ले। बीजेपी के एजेंडे में भी निषाद समाज के लिए आरक्षण शामिल था। सीएम योगी ने भी कहा था, तो अब इस समस्या का समाधान होना चाहिए। सवर्ण वर्ग को आरक्षण मिल गया, महिलाओं को मिल गया, दलितों को मिल गया, तो निषाद समाज को भी मिलना चाहिए।
संजय निषाद ने कहा, ‘सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट कहती है अपनी संख्या से ज्यादा नौकरियों में साइकिल और हाथी वाले हैं, फिर निषाद समाज को आरक्षण देने में देरी क्यों हो रही है। अब जो भी निषाद समाज के लिए हक की बात करेगा, उत्तर प्रदेश में केवल वही राज करेगा। मैं सरकार में मंत्री हूं, लेकिन अपने समाज के लिए वकील हूं। अपना मंत्री पद छोड़ने को तैयार हूं, लेकिन अगर बात नहीं सुनी गई तो धरना दिया जाएगा।’
यूपी में निषाद पार्टी के कितने विधायक हैं?
आपको बता दें कि संजय निषाद फिलहाल यूपी सरकार के मत्स्य विभाग में कैबिनेट मंत्री हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा में निषाद पार्टी के पांच विधायक हैं। इनमें भदोही के ज्ञानपुर से विपुल दुबे, जौनपुर के शाहगंज से रमेश सिंह, कुशीनगर की खड्डा सीट से विवेकानंद पांडे, महाराजगंज के नौतनवां से ऋषि त्रिपाठी और संत कबीर नगर की मेहदावल सीट से अनिल कुमार त्रिपाठी विधायक हैं। रविवार शाम को लखनऊ के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी परिसर में निषाद पार्टी के स्थापना दिवस का कार्यक्रम रखा गया था।






