अपने ऊपर दर्ज FIR पर समीर वानखेड़े की दलील, बोले- वो नाबालिग थे, मां ने कराए थे दस्तखत

वानखेड़े की मां की 2015 में हो चुकी है मृत्यु, कोर्ट इस याचिका पर बुधवार को सुनाएगा फैसला 

द न्यूज 15 
मुंबई । बार लाइसेंस बनवाने के आरोप में दर्ज FIR को कैंसिल कराने के लिए एनसीबी के पूर्व डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने अनोखी दलील दी है। जस्टिस एसएस शिंदे की कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि उस दौरान वो कॉलेज में पढ़ते थे। उनकी उम्र महज 17 साल की थी। मां ने जिन कागजात पर दस्तखत करने के लिए कहा उन्होंने कर दिए।
खास बात है कि वानखेड़े की मां की 2015 में मृत्यु हो चुकी है। कोर्ट इस याचिका पर बुधवार यानि कल अपना फैसला सुनाएगी। वानखेड़े ने महाराष्ट्र के एक्साइज कमिश्नर के मौखिक आदेश को भी चुनौती दी है। इस पर जस्टिस जीएस पटेल की कोर्ट में सुनवाई होगी। वानखेड़े ने ये दोनों याचिकाएं अपने वकील फैज मर्चेंट के जरिए कोर्ट में दाखिल की हैं। वानखेड़े ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अपने ऊपर दर्ज केस की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष करने की मांग की है। उनकी दलील है कि आरोप के मुताबिक वो 17 साल के थे।
बॉलीवुड ड्रग कनेक्शन मामले की जांच को लेकर सुर्खियों में आए वानखेड़े के खिलाफ उम्र छिपाकर बार लाइसेंस बनवाने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कोपरी पुलिस थाने में वानखेड़े पर जालसाजी और धोखाझड़ी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वानखेड़े ने 1997 में एक रेस्त्रा और बार का लाइसेंस हासिल किया था। उस वक्त उनकी उनकी 17 साल थी। लाइसेंस लेने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष होती है।
FIR आबकारी विभाग की शिकायत पर शनिवार रात दर्ज की गई थी। महकमे का आरोप है कि 1996-97 में वानखेड़े की उम्र 18 साल से कम थी, जब उन्होंने सद्गुरु बार के लिए लाइसेंस हासिल किया था। ठाणे के कलेक्टर ने बार का लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी किया है। सद्गुरु बार एंड रेस्टोरेंट का मालिकाना हक वानखेड़े परिवार के पास है। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने आरोप लगाया था कि उनके पास नवी मुंबई में एक बार है, जिसका लाइसेंस उन्हें कम उम्र में मिला था।

Related Posts

अमित शाह को 2025 में लद्दाख में पुलिस गोलीबारी में चार युवाओं की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया ?

लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल…

Continue reading
कोटा मेयर के ओम बिरला की चौखट पर माथा टेकने के मामले में आई सफाई, अनुसईया बोलीं-मैंने ईश्वर को किया प्रणाम

कोटा। कोटा की नवनिर्वाचित भाजपा मेयर अनुसुईया गोस्वामी…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

महर्षि प्रजापति शिक्षा समिति द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

महर्षि प्रजापति शिक्षा समिति द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

अगर भगत सिंह आज ज़िंदा होते: तो वे भारत के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और सांप्रदायिक हालात पर कैसी प्रतिक्रिया देते?

अगर भगत सिंह आज ज़िंदा होते: तो वे भारत के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और सांप्रदायिक हालात पर कैसी प्रतिक्रिया देते?

Special on Bhagat Singh’s Birth Anniversary : प्रधानमंत्री तो भगत सिंह को भी दिमागी नक्सली करार दे देते!

Special on Bhagat Singh’s Birth Anniversary : प्रधानमंत्री तो भगत सिंह को भी दिमागी नक्सली करार दे देते!

तानाशाही वाला तर्क

तानाशाही वाला तर्क

अमित शाह को 2025 में लद्दाख में पुलिस गोलीबारी में चार युवाओं की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया ?

अमित शाह को 2025 में लद्दाख में पुलिस गोलीबारी में चार युवाओं की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया ?

जयंती पर याद किये गये शहीद -ए-आजम भगत सिंह

जयंती पर याद किये गये शहीद -ए-आजम भगत सिंह