लखनऊ। सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) अधिनियम 1952 के तहत भारी अनियमितताओं के चलते रीजनल प्रोविडेंट फंड आयुक्त-2, लखनऊ कार्यालय से 67 करोड़ 51 लाख 10 हजार 661 रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया गया है। यह बकाया वर्ष 2014 से अक्टूबर 2022 तक की अवधि का है।
PF कोड संख्या UPLKO0028463000 वाली इस संस्था के खिलाफ प्रारंभिक कारण बताओ नोटिस 10 अक्टूबर 2023 को और फिर दूसरा नोटिस 24 नवंबर 2023 को जारी किया गया था। इसके बाद 12 दिसंबर 2023 को संस्था के खिलाफ औपचारिक जांच की कार्यवाही 7A के तहत शुरू हुई।
ईपीएफओ द्वारा गठित स्क्वॉड ने 28 नवंबर 2024 को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें यह पाया गया कि सहारा इंडिया ने नियमित, आकस्मिक और संविदा कर्मियों की सैलरी और अन्य भुगतानों के आधार पर पीएफ जमा नहीं किया। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 67.51 करोड़ रुपये बकाया पाए गए हैं।
संस्था ने अपनी आपत्तियां 1 जनवरी 2025 को दर्ज कराईं, जबकि स्क्वॉड की जवाबी रिपोर्ट 24 मार्च 2025 को पेश की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि संस्था द्वारा जो आंकड़े प्रस्तुत किए गए थे, उनमें बहुत से कर्मचारियों की पहचान नहीं हो सकी और बैलेंस शीट में दर्ज वेतन व कमीशन भुगतान के आधार पर देनदारी का निर्धारण किया गया।
ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि संस्था की आपत्तियां निराधार हैं और इस बकाया राशि को जमा करना अनिवार्य है। यह कार्रवाई सहारा इंडिया के खिलाफ लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताओं की कड़ी में एक और अहम कदम माना जा रहा है।








