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बिहार विधान परिषद में आरक्षण को लेकर हंगामा

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 नीतीश कुमार ने आरजेडी सदस्यों को बताया ‘बोगस’

पटना | दीपक कुमार तिवारी।

बिहार विधान परिषद में मंगलवार को आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आरजेडी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में मौजूद थे। आरजेडी के ज्यादातर सदस्य हरे रंग की टी-शर्ट पहनकर विरोध जता रहे थे, जिसे देखकर मुख्यमंत्री गुस्से में आ गए और इसे ‘बोगस’ करार दिया।

नीतीश कुमार का आरजेडी पर हमला:

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी के विरोध के तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रदर्शन पहले कभी नहीं देखा गया है। नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा,
“इसके हसबैंड का है पार्टी, इसको क्या है। बेचारी तो ऐसे ही आ गई हैं। जब वह हटा तो इसको बनवा दिया।”

उन्होंने आरजेडी सदस्यों की हरे रंग की टी-शर्ट पर तंज कसते हुए कहा,
“ये लोग हरा टी-शर्ट पहनकर आए हैं, हम यही पूछ रहे हैं कि क्या देश में कहीं और ऐसा होता है? जो शर्ट नहीं पहना है, वह ऊपर से रख लिया है। यह सब बोगस चीज है।”

आरजेडी की मांग और हंगामा:

आरजेडी के सदस्य आरक्षण को नौवीं अनुसूची में डालने की मांग कर रहे थे और इसे लेकर सदन में वेल तक आकर नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि सरकार को आरक्षण को संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करना चाहिए।

हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री लगातार आरजेडी के सदस्यों और उनके विरोध के तरीकों पर सवाल उठाते रहे। उन्होंने कहा,
“कोई भी पार्टी इस तरह का काम नहीं करती है। इस पार्टी का यही हाल है, इसका कोई मतलब नहीं है।”

विधान परिषद में हंगामे के बाद सदन स्थगित:

आरजेडी के हंगामे और मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद सदन की कार्यवाही बाधित हुई और इसे स्थगित करना पड़ा।

क्या आरक्षण पर राजनीति तेज होगी?

बिहार में आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। आरजेडी इसे चुनावी मुद्दा बना रही है, वहीं नीतीश कुमार भी आरक्षण के समर्थन में लगातार बयान देते रहे हैं। लेकिन विधान परिषद में हुए इस हंगामे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गर्माएगा?