राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने पंचायत और नगर निकाय (शहरी स्थानीय निकाय) चुनावों में दो से अधिक बच्चों वाली पुरानी पाबंदी हटा दी है। आज (25 फरवरी 2026) हुई कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 और राजस्थान नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है। अब दो से ज्यादा संतान वाले उम्मीदवार भी सरपंच, प्रधान, वार्ड सदस्य, मेयर या अन्य स्थानीय पदों के लिए चुनाव लड़ सकेंगे। यह रोक लगभग 30 साल पुरानी थी (1995 से लागू, भैरोसिंह शेखावत सरकार के समय) और अब इसे खत्म किया जा रहा है।
सरकार जल्द ही विधानसभा में इन संशोधन विधेयकों को पेश करेगी, जिसके बाद यह नियम आधिकारिक रूप से लागू होगा।
इससे आगामी पंचायत और निकाय चुनावों (2026 में होने वाले) में कई उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा, और स्थानीय राजनीति में बदलाव आ सकता है। यह फैसला ग्रामीण और वंचित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में देखा जा रहा है। शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है—वह पहले जैसी ही रहेगी (यानी अनपढ़ उम्मीदवार भी चुनाव लड़ सकते हैं, जैसा पहले था)।






