श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित
“मुखर्जी जी का बलिदान राष्ट्रहित की प्रेरणा है” : केदार प्रसाद गुप्ता
मुजफ्फरपुर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक और भारत की एकता के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर रविवार को शहर के मोतीझील स्थित रामदयालु सिंह स्मृति भवन कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा की अध्यक्षता में डॉ. मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री श्री सुरेश शर्मा ने कहा,
“डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान राष्ट्रभक्त, शिक्षाविद और सिद्धांतवादी नेता थे। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना बलिदान दिया। उनका नारा — ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे’ — आज भी राष्ट्रभक्ति का ज्वलंत प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर उनके सपनों को साकार किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों पर चलकर भारत आज आत्मनिर्भरता और विकास की राह पर अग्रसर है, और हम सबका दायित्व है कि उनके दिखाए मार्ग पर चलकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान दें।
वहीं बिहार सरकार के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा,
> “डॉ. मुखर्जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि विचारधारा के प्रतीक थे। उनके विचार आज भी राष्ट्रीय एकता और अखंडता के स्तंभ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनके आदर्शों को मूर्त रूप दिया जा रहा है।”
उन्होंने आह्वान किया कि समाज में सेवा, समरसता और राष्ट्रप्रेम की भावना को बढ़ावा देना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में नगर निगम की महापौर श्रीमती निर्मला साहू, डॉ. ममता रानी, श्री अविनाश, मुन्ना, अमन राज, निखिल, साकेत, प्रियांशु समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और नगरवासी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन देशभक्ति गीतों और “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।








