Political History : बनारस की गलियां सूनी थी !

प्रोफेसर राजकुमार जैन

राजनारायणजी ने अपने राजनैतिक। जीवन की शुरुआत ‘कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी’ से की थी। कई तरह के राजनैतिक प्रयोगों, जनता पार्टी, लोकदल इत्यादि से गुजरने के बावजूद अंत में उन्होंने 1985 में अपनी मूल आस्था वाली सोशलिस्ट पार्टी फिर से स्थापना कर ली थी, पर जल्द ही 31 दिसंबर 1986 को इनका इंतकाल हो गया।
अंत में अगर जनता पार्टी, सरकार के बनने और खत्म होने का तटस्थ मूल्यांकन किया जाए तो यह स्पष्ट हो जाता है कि राजनारायणजी के बेखौफ़, बड़ी से बड़ी ताक़त के ख़िलाफ़ टकराने की दिमाग़ी बुनावट तथा जहां अन्याय तत्काल प्रतिकार। समर्थन और विरोध में किसी भी हद तक जाने, चाहे उसमें उनका व्यक्तिगत रूप से कितना भी नुक़सान हो जाए, इसकी परवाह उन्हे नही थी।
जनता पार्टी सरकार में राजनारायण और मधुलिमये ये दो नेता थे, जिन्होंने आर.एस.एस. जनसंघ को ललकारा। इस पूरे प्रकरण में इन्होंने अपने लिए कुछ नहीं चाहा, परंतु जहां सिद्धांतों का सवाल था, यह मुमकिन नहीं था कि ये चुपचाप बैठ जाते। इस कारण तात्कालिक रूप से इन्होंने विरोधियों को छोड़िये, अपनों के लांछन, लानत विरोध को भी सहा। आज मोदी राज में बार-बार इनको याद किया जा रहा है। अपने और विरोधियों को अपनी ग़लती का एहसास होना लाज़मी है।
काशी नरेश के वंशजों के मालदार जमींदार घराने में जन्म लेने वाले राजनारायण ने समाजवाद की शुरुआत पुश्तैनी रूप से मिली, अपनी खेती की जमीन को जोतने वाले मजदूरों मे बांट दी थी। काशी विश्वनाथ मंदिर मे जातिवाद का विरोध करते हुए दलित प्रवेश को लेकर जो आंदोलन किया था उसमें पंडों ने इनकी दाढ़ी पकड़कर घसीटा घायल अवस्था में होते हुए भी यह डटे रहे। यूपी विधानसभा का सर्वाधिक प्रभावशाली चर्चित विधायक होने के बावजूद इसी कारण बाद में इनको चुनाव में शिकस्त का सामना करना पड़ा।
राजनारायण जी के साथ हुए इन हादसों की एक लंबी फेहरिस्त है। राजनारायण जी ने अपने समय के बड़े-से-बड़े सत्ताधीशों को धूल चटादी। वे चाहते तो, बड़ा से बड़ा पद, दौलत पा सकते थे, परंतु इनका जीवन, एक फ़क़़ीर की तरह था, कोई दौलत, ज़मीन-जायदाद इनकी अपनी नहीं थी इसके कारण ही इनके इंतक़ाल के बाद बनारस में निकली इनकी शवयात्रा में लाखों लोग शामिल थे। बीड़ी-सिगरेट, चाय तक की दुकाने बंद थी। पूरा बनारस शहर ठप्प था। सड़क के किनारे बैठने वाले मोची, धोबी, नाई जुलूस में
‘इन्कलाब जिंदाबाद’, ‘राजनारायण जिंदाबाद,
‘राजनारायण बोल रहा है,
कमाने वाला खाएगा, लूटने वाला जाएगा,,
धन और धरती बट के रहेगी, भूखी जनता अब ना सहेगी
मांग रहा है हिंदुस्तान रोजी- रोटी और मकान,
राष्ट्रपति का बेटा हो या चपरासी की संतान, सबको शिक्षा एक समान,
गांधी लोहिया जयप्रकाश अमर रहे अमर रहे,
आचार्य नरेंद्र देव अमर रहे अमर रहे,
जैसे गगनभेदी नारों से इस राजनीतिक सन्यासी को विदाई दे रहे थे।
भारत के भूतपूर्व शिक्षा एवं विदेश मंत्री तथा मुंबई हाई कोर्ट के भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश रहे एम, सी छागला ने संसद में राजनारायण जी के संसदीय कौशल को देखकर अपनी किताब “रोजेज इन दिसंबर”” मैं लिखा की “सरकार के विरोधी सांसदों में श्री राजनारायण उग्र वह बेजोड़ थे। वह साधारण व कम महत्व के सवालों को भी आंधी में बदल दिया करते थे। उनकी सवालों की तैयारी वह संसदीय नियमों की जानकारी बेजोड़ थी। आज वह सदन में नही है तो राज्यसभा बेजान लगती है।”
सोशलिस्ट तहरीक में शुरू से आखिर तक साथी रहे, मधुलिमए ने लिखा है ”
मैं राजनारायण जी को इतने लंबे समय से जानता हूं कि मुझे याद नहीं कि मैं उनसे पहली बार कब मिला था। शायद हम 1947 में कानपुर समाजवादी सम्मेलन में मिले थे। “राजनारायण जी अद्वितीय और वास्तव में एक बहुमुखी व्यक्ति थे। उनके व्यक्तित्व के हर पहलू के विशेष आयाम थे। वह असाधारण गुणों के व्यक्ति थे उनका जीवन रेखाचित्र बहुत गहरे रंगों में रंगा हुआ था। उनके पास जबरदस्त शारीरिक उर्जा थी उनकी सहनशक्ति बेमिसाल थी। उनमें घंटों अथक परिश्रम करने की अद्भुत क्षमता थी उनमें बहुत गंभीर और उत्तम गुण थे।”
राममनोहर लोहिया ने राजनारायणजी को मार्शल द्वारा सदन से बाहर फेंके जाने पर कहां था,
“कमाल है उसका जिसने एक उंगली तक नहीं उठाई, संविधान की रक्षा करते हुए जो तरीकाअपनाया उसे देखकर कहना पड़ता है कि उसने शेर का दिल और गांधी का तरीका पाया है। जब तक देश में राजनारायण जैसा आदमी है तानाशाही संभव नहीं है।”
संतति और सपत्ति के मोह से दूर राजनारायणजी की सारी शख्सियत को कबीर दास के इस दोहे से समेटा जा सकता है,-‘ कबीरा खड़ा बाजार में लिए लुकाटी हाथ, जो घर जारे आपना चले हमारे साथ।’

  • Related Posts

    डोनाल्ड ट्रम्प की गुगली में फंसे मोदी, भारत को बड़ा झटका देंगे अमेरिका के राष्ट्रपति ?
    • TN15TN15
    • June 19, 2026

    चरण सिंह  फ़्रांस में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन…

    Continue reading
    सरेआम‌‌ जम्हूरियत का कत्लेआम!
    • TN15TN15
    • June 19, 2026

    हर रोज खबरें मिल रही है कि ‌…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    महाराष्ट्र के परभणी हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत, मंदिर के मलबे में अभी भी कई फंसे, रेस्क्यू जारी!

    • By TN15
    • June 20, 2026
    महाराष्ट्र के परभणी हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत, मंदिर के मलबे में अभी भी कई फंसे, रेस्क्यू जारी!

    बिहार: भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, CM सम्राट चौधरी का आदेश

    • By TN15
    • June 20, 2026
    बिहार: भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, CM सम्राट चौधरी का आदेश

    जम्मू-कश्मीर में PM स्वास्थ्य योजना में बड़ा घोटाला, 103 सर्जरी पाई गईं संदिग्ध!

    • By TN15
    • June 20, 2026
    जम्मू-कश्मीर में PM स्वास्थ्य योजना में बड़ा घोटाला, 103 सर्जरी पाई गईं संदिग्ध!

    हॉलीवुड स्टार एंजेलिना जॉली संग स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी प्रियंका चोपड़ा, एक्ट्रेस ने खुद किया खुलासा

    • By TN15
    • June 20, 2026
    हॉलीवुड स्टार एंजेलिना जॉली संग स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी प्रियंका चोपड़ा, एक्ट्रेस ने खुद किया खुलासा

    शिक्षा व्यवस्था से वायरस भगाओ: जंतर-मंतर पर ‘थाली बजाओ’ अभियान, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी तेज मांग

    • By TN15
    • June 20, 2026
    शिक्षा व्यवस्था से वायरस भगाओ: जंतर-मंतर पर ‘थाली बजाओ’ अभियान, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी तेज मांग

    International Yoga Day : क्या इस्लामिक देशों के स्कूल-कॉलेज में होते हैं योगा टीचर, उनको कितनी मिलती है सैलरी?

    • By TN15
    • June 20, 2026
    International Yoga Day : क्या इस्लामिक देशों के स्कूल-कॉलेज में होते हैं योगा टीचर, उनको कितनी मिलती है सैलरी?