मोदी की इस टिप्पणी पर शशि थरूर सदन में मंद-मंद मुस्कुराते नजर आए। इससे पहले, जब पत्रकारों ने उनसे इस मुद्दे पर सवाल पूछा, तो थरूर ने “मौन व्रत” कहकर जवाब दिया और कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। मनीष तिवारी ने भी एक रहस्यमयी ट्वीट के जरिए अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने लिखा, “है प्रीत जहां की रीत सदा, मैं गीत वहां के गाता हूं, भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं।”
कांग्रेस ने थरूर और तिवारी को ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा चर्चा में वक्ताओं की सूची में शामिल नहीं किया, जिसे पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद के रूप में देखा जा रहा है। कुछ सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व इन दोनों सांसदों की अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई पर विचार कर रहा है, क्योंकि उन्होंने सरकार के खिलाफ बोलने से इनकार किया और ऑपरेशन सिंदूर को सफल बताया।
यह घटना कांग्रेस के आंतरिक तनाव और थरूर जैसे नेताओं के पार्टी लाइन से हटकर रुख को उजागर करती है, जो पहले भी पीएम मोदी की तारीफ कर चुके हैं।








