पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के खिलाफ 9 जुलाई 2025 को चक्का जाम का आह्वान किया है। हाल के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट से संकेत मिलता है कि वे वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया को “लोकतंत्र पर हमला” और “गरीबों व वंचितों के मताधिकार को छीनने की साजिश” मानते हैं।
पप्पू यादव ने दावा किया है कि बिहार के लगभग 8 करोड़ मतदाताओं में से करीब 4.75 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की तैयारी है, जिसे वे बीजेपी के दबाव में चुनाव आयोग की साजिश बताते हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को गांवों में प्रवेश न करने दें और कोई दस्तावेज साझा न करें।
हालांकि, 9 जुलाई को चक्का जाम के बारे में कोई स्पष्ट पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं है। यह संभव है कि यह जानकारी उनके हाल के बयानों या सोशल मीडिया अपडेट से संबंधित हो, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए और डिटेल्स की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, विपक्षी दल, जैसे RJD और कांग्रेस, भी इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और समय पर सवाल उठा रहे हैं, इसे “अलोकतांत्रिक” और “एनआरसी की तरह” बताते हुए। तेजस्वी यादव ने भी इसे गरीबों और वंचितों के खिलाफ साजिश करार दिया है।







