ऑपरेशन सिंदूर: जैश-ए-मोहम्मद कमांडर मसूद इलियास का कबूलनामा

16 सितंबर को एक वायरल हेडलाइन ने सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर तहलका मचा दिया है: “भारत के हमले में मसूद अजहर के परिवार के उड़ गये थे चीथड़े… जैश-ए-मोहम्मद कमांडर मसूद इलियास का बड़ा कबूलनामा”। यह खबर पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के मुख्यालय पर भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी है, जो मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के जवाब में लॉन्च किया गया था। आइए, इस घटना की पूरी डिटेल्स, पृष्ठभूमि और कबूलनामे को समझते हैं।

 

ऑपरेशन सिंदूर का बैकग्राउंड

कब और क्यों हुआ? 7 मई 2025 को भारतीय वायुसेना और सेना ने पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक की। यह हमला अप्रैल 2025 में पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले का प्रत्यक्ष जवाब था, जिसमें JeM ने जिम्मेदारी ली थी। भारतीय सेना ने पुष्टि की कि बहावलपुर का जामिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह (JeM का मुख्यालय) पूरी तरह तबाह हो गया, जहां से पुलवामा, पठानकोट और संसद हमलों जैसी साजिशें रची जाती थीं।
नुकसान का आंकड़ा: हमले में JeM के हेडक्वार्टर के अलावा हिजबुल मुजाहिदीन के ट्रेनिंग कैंप और लादेन से जुड़े फंडिंग स्रोत भी ध्वस्त हुए। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, कुल 14 लोग मारे गए, जिनमें JeM प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य शामिल थे।

 

मसूद अजहर के परिवार पर असर

 

मसूद अजहर, JeM का सरगना और भारत का ‘मोस्ट वांटेड’ आतंकी (कंधार हाईजैक 1999 में रिहा), का परिवार हमले की चपेट में आ गया। JeM के आधिकारिक बयान में अजहर ने खुद स्वीकार किया:

 

 

मारे गए सदस्य:

 

 

बड़ी बहन और उनका पति।
भतीजा (इस्लामिक विद्वान), उसकी पत्नी और भतीजी।
5 बच्चे।
पुरानी दोस्त हजीफा, उसकी मां और 2 अन्य सहकर्मी।

अजहर ने भावुक बयान जारी किया: “मैं शब्दों से परे दुखी हूं, लेकिन मुझे न तो खेद है, न डर। मैं अल्लाह से प्रार्थना कर रहा हूं कि मुझे इन 14 शहीदों में शामिल किया जाए।” रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद अजहर फूट-फूटकर रोया।

अजहर का भाई अब्दुल रऊफ अजहर (कंधार हाईजैक का मास्टरमाइंड) भी मारा गया, जबकि अन्य रिपोर्ट्स में उसके घायल होने का जिक्र है। अजहर का परिवार बड़ा है—5 भाई, 6 बहनें—और ज्यादातर सदस्य JeM की गतिविधियों से जुड़े हैं।
मसूद इलियास का ‘बड़ा कबूलनामा’
आज (16 सितंबर 2025) सुबह पाकिस्तान में एक सार्वजनिक मंच पर JeM के टॉप कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी (NIA की टॉप लिस्ट में शामिल, अजहर का करीबी और युवाओं के ब्रेनवॉश का जिम्मेदार) ने 5 महीने बाद पहली बार हमले पर खुलासा किया। इलियास ने कहा:

“7 मई को बहावलपुर में भारतीय सेना के हमले में मसूद अजहर का परिवार टुकड़े-टुकड़े हो गया, चिथड़े उड़ गए।”
बैकग्राउंड में भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच इलियास ने यह बयान दिया, जो वीडियो में वायरल हो रहा है।

यह कबूलनामा JeM की कमजोरी को उजागर करता है और भारत की स्ट्राइक की सफलता की पुष्टि करता है। इलियास को JeM के ‘उपदेश विंग’ का प्रमुख माना जाता है।
सोशल मीडिया पर रिएक्शन

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