NSE की पूर्व CEO ही नहीं, इंदिरा से लेकर लालू और मुलायम तक का रहा है “बाबा कनेक्शन” 

इंदिरा गांधी के करीब होने के कारण धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आवास पर नेताओं, अभिनेताओं और यहां तक कि उद्योगपतियों का जमावड़ा लगा रहता था। लेकिन इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके दिन ढलने लगे।

द न्यूज 15 
नई दिल्ली। पिछले दिनों सेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में गड़बड़ियों को लेकर कई खुलासे किए और साथ ही एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण पर ख़ुफ़िया जानकारियों को साझा करने का आरोप लगाया। आरोप है कि चित्रा रामकृष्ण ने किसी अज्ञात योगी के इशारे पर ख़ुफ़िया जानकारी साझा की और साथ ही नियमों का उल्लंघन कर अपने करीबी की स्टॉक एक्सचेंज में नियुक्ति की। जिसके बाद चित्रा रामकृष्ण पर सेबी ने 3 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
हालांकि चित्रा रामकृष्ण अकेली दिग्गज नहीं है जिनका बाबा कनेक्शन रहा हो। यहां तक कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी भी योगगुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी को अपना गुरु मानती थी। इसके अलावा लालू यादव और मुलायम सिंह यादव सहित कई राजनीतिक दिग्गजों के भी आध्यात्मिक गुरु रहे हैं जिनका राजनीतिक दखल भी हुआ करता था। आइये जानते हैं कि कौन कौन लोग किस बाबा को मानते थे।
सबसे पहले बात इंदिरा गांधी और धीरेंद्र ब्रह्मचारी की। माना जाता है कि इंदिरा गांधी की धीरेंद्र ब्रह्मचारी से पहली मुलाक़ात जम्मू के एक गेस्ट हाउस में हुई थी। इसके बाद धीरेंद्र ब्रह्मचारी अक्सर इंदिरा गांधी को योग सिखाने उनके आवास पर जाया करते थे। बाद में वे इंदिरा गांधी की सलाहकार की भूमिका में आ गए। कहा जाता है कि इंदिरा गांधी के करीब होने के कारण धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आवास पर नेताओं, अभिनेताओं और यहां तक कि उद्योगपतियों का जमावड़ा लगा रहता था। लेकिन इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके दिन ढलने लगे और कांग्रेस के नेता भी उनसे दूरी बनाने लगे। बाद में 1990 में एक हादसे में धीरेंद्र ब्रह्मचारी की मौत हो गई।
इसी तरह उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी इटावा के रहने वाले जय गुरुदेव के भक्त थे। मुलायम सिंह यादव सहित कई बड़े नेताओं का गुरु होने की वजह से कई नेता जय गुरुदेव के दर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पहुंचते थे। मुलायम यादव राजनीतिक मामलों में भी उनसे सलाह लिया करते थे। जय गुरुदेव के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव अपने बेटे अखिलेश यादव के साथ उनको श्रद्धांजलि देने भी पहुंचे थे।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले पागल बाबा के बड़े भक्त थे। लालू यादव हर संकट और अच्छे समय में विभूति नारायण सिंह उर्फ़ पागल बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचते थे। यहां तक कि चारा घोटाला में राहत मिलने और जेल जाने से पहले भी उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। लालू यादव के साथ ही उनका परिवार भी पागल बाबा का भक्त था।

Related Posts

अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

अग्निपथ योजना में भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला…

Continue reading
इंडिया गठबंधन मार्च : अखिलेश हिरासत में, UP में सपाइयों ने काटा बवाल

इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

‘अखिलेश जी ड्रामा नहीं हिसाब दीजिए’, JPNIC को लेकर OP राजभर ने सपा चीफ को घेरा

‘अखिलेश जी ड्रामा नहीं हिसाब दीजिए’, JPNIC को लेकर OP राजभर ने सपा चीफ को घेरा

अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार व्याप्त 

नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार व्याप्त 

अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे से भड़का लोगों का विरोध!

अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे से भड़का लोगों का विरोध!

‘BJP ने इमरजेंसी को पीछे छोड़ दिया’, CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले आशुतोष रांका

‘BJP ने इमरजेंसी को पीछे छोड़ दिया’, CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले आशुतोष रांका

क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?

क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?