“मजदूरों पर जुल्म अब और नहीं”: CITU का ऐलान, 24 अप्रैल को जंतर-मंतर पर वाम दलों का संयुक्त धरना

नोएडा। नोएडा में मजदूरों के स्वतःस्फूर्त आंदोलन पर हुए पुलिस दमन और सीटू नेताओं की नज़रबंदी के खिलाफ सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) गौतम बुद्ध नगर जिला कमेटी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने घोषणा की है कि शासन-प्रशासन की दमनकारी नीतियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भंडाफोड़ करने के लिए वह अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) में शिकायत दायर करेगा। CITU जिला कमेटी ने बताया कि नोएडा में 12 साल से न्यूनतम वेतन नहीं बढ़ाया गया है। श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। अपनी नाकामी छुपाने के लिए सरकार “विपक्ष की साजिश” और “पाकिस्तान कनेक्शन” जैसे आरोप लगाकर मजदूरों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है।

 

 

तानाशाही की इंतहा

 

CITU गौतम बुद्ध नगर के जिला सचिव कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा को 9 अप्रैल की देर रात से घर में ही नज़रबंद कर दिया गया था और उनका मोबाइल भी पुलिस ने जब्त कर लिया था। CPM के सांसद व राष्ट्रीय महासचिव के पत्र और माननीय न्यायालय के ‘कारण बताओ नोटिस’ के बावजूद जिला प्रशासन ने उन्हें रिहा नहीं किया। बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने उन्हें कल देर शाम रिहा कर मोबाइल वापस किया। इसके बाद डीएम कार्यालय पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

 

CITU की प्रमुख मांगें:

 

1. सभी निर्दोष मजदूरों की बिना शर्त रिहाई हो और फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।
2. ज़िले में ट्रेड यूनियन अधिकार बहाल किए जाएं।
3. महंगाई के मुताबिक 26,000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन लागू करने के लिए न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत मिनिमम वेज एडवाइजरी कमेटी गठित की जाए।
4. जेल में बंद मजदूरों को युद्ध स्तर पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

24 अप्रैल को जंतर-मंतर पर संयुक्त धरना
CITU ने बताया कि नोएडा, दिल्ली और एनसीआर के मजदूरों के लिए सम्मान सहित 26,000 रुपये वेतन और न्याय की मांग को लेकर वाम दलों का संयुक्त धरना 24 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे से 1 बजे तक जंतर-मंतर, नई दिल्ली में होगा। इसमें CPI, CPI(M), CPI(ML), RSP, Forward Bloc, CGPI समेत सभी वाम दल शामिल होंगे। CITU के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

CITU का कहना है कि देश में संविधान है, जंगल राज नहीं। जायज़ मांगों पर उठे आंदोलन को कुचलकर पूंजीपतियों को संदेश देना कि उनके मुनाफे में कोई रुकावट नहीं होगी, लोकतंत्र की बुनियाद को खोखला करना है।

  • Related Posts

    सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दीपके, मंच पर ही रो पड़े CJP चीफ 
    • TN15TN15
    • July 18, 2026

    दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से…

    Continue reading
    सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- ‘मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर…’
    • TN15TN15
    • July 17, 2026

    पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    हार्डकोर हिंदुत्व की पिच पर CM योगी? जिन्ना पर दिया बयान तो भड़क उठे AIMIM और सपा के नेता

    • By TN15
    • July 18, 2026
    हार्डकोर हिंदुत्व की पिच पर CM योगी? जिन्ना पर दिया बयान तो भड़क उठे AIMIM और सपा के नेता

    सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दीपके, मंच पर ही रो पड़े CJP चीफ 

    • By TN15
    • July 18, 2026
    सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दीपके, मंच पर ही रो पड़े CJP चीफ 

    संसद में पेश होने से पहले ही वंदे मातरम बिल पर छिड़ गई बहस, कांग्रेस ने बताया संविधान के खिलाफ

    • By TN15
    • July 17, 2026
    संसद में पेश होने से पहले ही वंदे मातरम बिल पर छिड़ गई बहस, कांग्रेस ने बताया संविधान के खिलाफ

    सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- ‘मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर…’

    • By TN15
    • July 17, 2026
    सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- ‘मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर…’

    सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरना

    • By TN15
    • July 17, 2026
    सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरना

    Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?

    • By TN15
    • July 17, 2026
    Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?