जिंदा में एम्बुलेंस नहीं, मरने के बाद मिला शव वाहन

-जमुई सदर अस्पताल की कुव्यवस्था ने युवती की ली जान
-साढ़े चार घंटे तक तड़पकर युवती ने तोड़ा दम
-पटना ले जाने के लिए नहीं मिला एंबुलेंस
-पेट दर्द की शिकायत पर युवती को सदर अस्पताल में कराया गया था भर्ती
-एंबुलेंस के लिए कई बार पदाधिकारियों को किया गया फोन
-किसी ने नहीं सुनी गरीब की फरियाद
-सिविल सर्जन ने जांच का दिया आदेश, होगी कार्रवाई

पटना/जमुई।दीपक/अंजुम।

यहां जिंदों के लिए एंबुलेंस नहीं मिलती है लेकिन मुर्दों को ले जाने के लिए शव वाहन मिल जाती है। भले ही यह बात सुनने में अटपटा लग रहा हो लेकिन सदर अस्पताल के स्वास्थ्य व्यवस्था की कड़वी सच्चाई है। यहां संसाधनों के अभाव के अलावा ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ जिम्मेदारों की मानवता भी मर सी गई है। अपने अलग- अलग कारनामों से लगातार सुर्खियों में रहे सदर अस्पताल प्रबंधन की नींद नहीं खुली है। नतीजतन कुव्यवस्था का दंश इलाज के लिए आए मरीजों व स्वजन को झेलना पड़ रहा है। दरअसल एक घटना ने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हुआ यूं कि सोनो प्रखंड के कोड़ाडीह गांव निवासी केदार मंडल द्वारा अपनी पुत्री बिंदी देवी को पेट दर्द की शिकायत पर देर शाम 7:45 बजे सदर अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था, जहां युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर मृत्युंजय कुमार द्वारा पटना रेफर किया गया था, लेकिन पटना ले जाने के लिए 102 एंबुलेंस नहीं मिली। जिस वजह से साढ़े चार घंटे तक तड़पकर युवती की मौत देर रात 12:30 बजे हो गई।
पीड़ित पिता केदार मंडल ने बताया की वे अपनी पुत्री को पटना पीएमसीएच ले जाने के लिए कई बार 102 पर फोन किया, सदर अस्पताल के अधिकारियों को भी फोन लगाया, चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी एंबुलेंस के लिए प्रयास किया लेकिन किसी ने उनकी गुहार नहीं सुनी। गरीबी की वजह से पैसा नहीं रहने पर वे प्राइवेट एंबुलेंस से पटना लेकर नहीं जा सके, नतीजतन साढ़े चार घंटे तक बेड पर ही तड़पकर उनकी पुत्री की मौत हो गई। समय पर एंबुलेंस मिलती तो शायद उनकी पुत्री की जान बच सकती थी।
बड़ी बात यह है कि अमूमन दो से तीन एंबुलेंस किसी न किसी त्रुटि के कारण हमेशा खराब ही पड़ा रहता है। गर्भवती व अन्य कार्यों के लिए तीन एंबुलेन्स को रखा गया है जबकि पटना के लिए पांच एंबुलेंस हैं लेकिन तीन एंबुलेंस कई दिनों से गैरेज में पड़ा हुआ है ,जबकी दो एंबुलेंस ही तत्काल मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध हैं। अब इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतने बड़े जिला अस्पताल दो एंबुलेंस से कितने मरीजों को लाभ मिल सकता है। यहां के जिम्मेदार भी लापरवाह बने हुए हैं उन्हें एंबुलेंस की जानकारी ही नहीं है। एंबुलेंस खराब है, अच्छा है, मरीजों को लाभ मिल रहा है या नहीं मिल रहा इन सारी बातों से अंजान हैं।
हालांकि मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर कुमार महेंद्र प्रताप ने संबंधित पदाधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। साथ ही मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने ने बताया कि रेफर मरीज को एंबुलेंस नहीं मिलना गंभीर मामला है। इसको लेकर सभी को संख्त हिदायत दी गई है। साथ ही पशुपति पारस नाथ डिस्ट्रीब्यूटर लिमिटेड को शोकाज किया गया है। कुछ दिन पहले ही जिला एंबुलेंस कंट्रोलर सन्नी कुमार को भी एक मामले में शोकाज किया गया था। दोषी पर संख्त कार्रवाई होगी।

  • Related Posts

    बिहार BPSC TRE-4 का नोटिफिकशन जारी, कितने पदों पर होगी भर्ती?  
    • TN15TN15
    • August 18, 2026

    बिहार में प्रोटेस्ट के बीच चौथे चरण (BPSC…

    Continue reading
    भरत तिवारी के घर पहुंचे BJP सांसद, बहन ने कर दी बड़ी मांग
    • TN15TN15
    • August 18, 2026

    बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने सोमवार को भोजपुर…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    पैलेट गन से टियर गैस तक, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर SC ने बनाई कमेटी, पुलिस एक्शन की होगी जांच

    • By TN15
    • August 20, 2026
    पैलेट गन से टियर गैस तक, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर SC ने बनाई कमेटी, पुलिस एक्शन की होगी जांच

    बच्चे पैदा करना चाहते हैं 200 पूर्व माओवादी, पर नसबंदी बनी दीवार, घर परिवार बसाने के लिए अब क्या है रास्ता

    • By TN15
    • August 20, 2026
    बच्चे पैदा करना चाहते हैं 200 पूर्व माओवादी, पर नसबंदी बनी दीवार, घर परिवार बसाने के लिए अब क्या है रास्ता

    Haridwar: कावड़ मेले में भिखारी बन पहुंचा यूट्यूबर, 8 घंटे की कमाई जान लोग बोले- महीने के तो ₹120000 हो गए!

    • By TN15
    • August 20, 2026
    Haridwar: कावड़ मेले में भिखारी बन पहुंचा यूट्यूबर, 8 घंटे की कमाई जान लोग बोले- महीने के तो ₹120000 हो गए!

    सोरेन सरकार को झटका, JSSC-GGL समेत 22 रद्द परीक्षा पर HC ने लगाई रोक

    • By TN15
    • August 20, 2026
    सोरेन सरकार को झटका, JSSC-GGL समेत 22 रद्द परीक्षा पर HC ने लगाई रोक

    स्कूल-कॉलेजों में खेल को अनिवार्य विषय बनाने की मांग, SC ने सराहना

    • By TN15
    • August 20, 2026
    स्कूल-कॉलेजों में खेल को अनिवार्य विषय बनाने की मांग, SC ने सराहना

    ट्रंप ने की आर्थिक नाकेबंदी, ईरान बोला, ‘इस टेररिज्म से दुनियाभर में…  

    • By TN15
    • August 20, 2026
    ट्रंप ने की आर्थिक नाकेबंदी, ईरान बोला, ‘इस टेररिज्म से दुनियाभर में…