योगी के साथ सीरियस तो शाह के साथ मुस्कुराते नजर आए नीतीश

 ‘अगल-बगल’ पर बवाल मचना तय!

दीपक कुमार तिवारी

पटना/नई दिल्ली। देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। एकनाथ शिंदे और अजित पवार डिप्टी सीएम बने। शपथ ग्रहण समारोह मुंबई में हुआ। इस मौके पर पीएम मोदी, अमित शाह योगी आदित्यनाथ, नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। इस दौरान सबकी नजर नीतीश कुमार पर टिकी रही। शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार अलग-अलग तेवर में नजर आए। कभी वे मुस्कुरा रहे थे, तो कभी सीरियस नजर आ रहा थे। बिहार की सियासत में सबसे अधिक चर्चा ‘अगल-बगल’ पर हो रही है।
दरअसल, मुंबई में एक भव्य समारोह में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उनका तीसरी बार मुख्यमंत्री बनना है। इस बार उनके साथ दो डिप्टी सीएम हैं। एकनाथ शिंदे और अजित पवार। शपथ ग्रहण समारोह में राजनीति, बिजनेस, बॉलीवुड और क्रिकेट जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति इस समारोह की शोभा बढ़ा रही थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी समारोह में मौजूद रहे। दोनों नेताओं को मंच पर एक साथ बैठे देखा गया। इसके बाद से ही चर्चाओं का बाजार गर्म है।
शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार के अगल-बगल दो मुख्यमंत्री बैठे थे। नीतीश कुमार के एक तरफ आंध्रपदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैठे थे। यानी दोनों नेताओं के बीच में नीतीश कुमार बैठे थे। इस दौरान बिहार सीएम, योगी आदित्यनाथ से बात करते हुए नजर आ रहे थे। नीतीश कुमार योगी आदित्यनाथ से जब बात कर रहे थे, तब भी सीरियस नजर आ रहे हैं। अगर चुपचाप बैठे हैं, तब भी सीरियस दिख रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि दोनों नेताओं के बीच किस मुद्दे पर बात हुई कि नीतीश कुमार सीरियस होकर शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर मंथन कर रहे थे।
ऐसा नहीं है कि नीतीश कुमार हर समय सीरियस नजर आए। जब मंच पर नेता आ रहे थे, और एक दूसरे से मुलाकात कर रहे थे, तो नीतीश कुमार मुस्कुराकर अभिवादन कर रहे थे। वहीं जब नीतीश कुमार का सामना गृहमंत्री अमित शाह से हुआ तो उनका बॉडी लैंग्वेज ही बदल गया। दोनों नेता ऐसे मिल रहे थे, मानो लंबे अर्से बाद दो रिश्तेदारों की मुलाकात हो रही हो। नीतीश कुमार और अमित शाह, दोनों एक दूसरे को हाथ जोड़कर अभिवादन किया। इस दौरान दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ लिया और मुस्कुरा कर बात कर रहे थे। जब दोनों नेता बात कर रहे थे, तब बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
एक तरह से कहा जाए तो मुंबई से बीजेपी ने संदेश दे दिया कि अब अगला टार्गेट बिहार है। नीतीश कुमार को मंच भाव देकर ये भी संदेश दिया कि नीतीश कुमार ही बिहार में एनडीए के नेता हैं, साथ ही परोक्ष रुप से ये भी बताने की कोशिश किया कि अगर महाराष्ट्र जैसा बिहार में सियासी हालात होते हैं बीजेपी देवेन्द्र वाला दांव भी खेल सकती है। शायद इसी बात को लेकर नीतीश कुमार मंच पर मंथन कर रहे थे। खैर नीतीश, योगी आदित्यनाथ के साथ सिरियस क्यों थे, ये तो वही बताएंगे लेकिन अगल -बगल बैठने पर बिहार में सियासत होगी। साथ ही बिहार बीजेपी के नेता ‘योगी मॉडल’ की बात तो करेंगे ही। बता दें कि बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव हो सकता है।

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