बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन (4 दिसंबर 2025) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान RJD विधायकों पर निशाना साधा। सदन में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्व गठबंधन की याद दिलाई और साफ कहा कि अब RJD के साथ कोई गठजोड़ नहीं होगा। यह बयान RJD विधायक भाई वीरेंद्र के बीच में बोलने पर आया, जिसके बाद सदन में हल्की नोकझोंक और ठहाकों का दौर चला।
नीतीश कुमार ने क्या कहा?
नीतीश कुमार ने अपने भाषण में बिहार के 20 वर्षों के विकास पर जोर दिया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में प्रगति शामिल है। उन्होंने कहा:
“हम बिहार को 20 साल से आगे ले जा रहे हैं। इस साल के विधानसभा चुनाव में बिहार की जनता ने सक्रिय भागीदारी की, इसके लिए आभार। बिहार में काम शुरू से हो रहा है, अब डर का माहौल नहीं है। पहले हिंदू-मुस्लिम के बीच कितनी लड़ाई होती थी। 2005 के बाद कब्रिस्तान के साथ-साथ मंदिर भी घेर दिए जाते थे। हमने शिक्षा पर फोकस किया, कई नए स्कूल खोले। अब बिहार में 5 लाख 20 हजार संविदा शिक्षक हैं। स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया, 2006 से अस्पतालों में मुफ्त दवा और इलाज की व्यवस्था। अब हर महीने PHC में 11,000 से ज्यादा मरीज आते हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। PMCH को 2500 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है, IGIMS को 3000 बेड का। पुल-बांध भी बने, अब बिहार के किसी भी कोने से पटना सिर्फ 5 घंटे में पहुंचना संभव है। पांच एक्सप्रेसवे बन रहे हैं।”
RJD विधायक भाई वीरेंद्र के मनेर में कटाव की समस्या उठाने पर नीतीश ने जवाब दिया: “आप पहले मेरी बात सुनिए।” फिर सीधे निशाना साधते हुए कहा:
“आप लोगों को तो बीच-बीच में साथ रखे थे हम, लेकिन आप लोग गड़बड़ करने लगे तो हमने छोड़ दिया। अब कभी आपके साथ नहीं आएंगे। आप लोग गलतियां करते रहते हैं। हमने दो बार आपका साथ दिया, आपकी बातें भी सुनीं, लेकिन अब तीसरी बार कभी आपके साथ नहीं जाऊंगा। आपको दो बार हिस्सा दिया, कितना काम किया आपने! मेरी सभी बातें मानते थे। बाद में गलतियां कीं तो हमने छोड़ दिया। अब हम वहीं रहेंगे, जो पहले से हैं!”
नीतीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की और सदन के सभी सदस्यों से उन्हें नमन करने को कहा, लेकिन RJD की रोक-टोक पर फिर जवाब दिया।
विपक्ष का तगड़ा जवाब
RJD के फ्लोर लीडर कुमार सर्वजीत ने तुरंत पलटवार किया:
“आपके कौन से शब्दों पर विश्वास करें? जब आप हमारे साथ होते हैं, तो कहते हैं कि बीजेपी संविधान खत्म कर देगी, और जब बीजेपी के साथ चले जाते हैं, तो कहते हैं कि केंद्र सरकार बिहार का समर्थन कर रही है।”
इसके बाद सदन में हंगामा मच गया। सत्ता पक्ष ने जोरदार तालियां बजाईं, जबकि विपक्ष नाराज नजर आया। सदन में हल्की तकरार के बीच ठहाके भी गूंजे, और माहौल ‘राजनीतिक तंज, तल्खी और तुकबंदी’ से भर गया।








