चरण सिंह
आखिरकार बिहार की राजनीति से बेदखल होकर नीतीश कुमार राज्यसभा में जाने को तैयार हो गए। मतलब बिहार में अब बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा। बीजेपी ने जदयू के सहारे बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता बना ही लिया। मुख्यमंत्री कोई भी बने पर बिहार में अब बीजेपी की पूरी तरह से चलेगी। नीतीश कुमार का हस्तक्षेप पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। चर्चा है कि नीतीश कुमार का बेटा निशांत उप मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। कहना गलत न होगा कि अब जदयू ललन सिंह और संजय झा के हवाले होने जा रही है।
नीतीश कुमार ने कह भी दिया है कि वह राज्यसभा जाना चाहते हैं। नई सरकार का वह मार्गदर्शन करेंगे। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को राज्य सभा में जाने के लिए बधाई भी दे दी है। बिहार में नई सरकार नए तेवर के साथ दिखाई देगी। वैसे भी उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ही बैटिंग कर रहे हैं। नीतीश कुमार का हस्तक्षेप सरकार में दिखाई नहीं दे रहा है।
नीतीश कुमार ने खुद ऐलान कर लिखा है कि “पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। जो नई सरकार बनेगी, उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।”
दरअसल नीतीश कुमार लंबे समय से कहते आ रहे थे कि वे बिहार के विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा सभी चार सदनों का सदस्य बनना चाहते हैं। अब वे राज्यसभा चुनाव में उतर रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़ने वाले हैं और बिहार की नई सरकार को “मार्गदर्शन” देंगे। राज्यसभा चुनाव इस समय चल रहे हैं (37 सीटों पर मतदान 16 मार्च को)। नीतीश कुमार को उनकी पार्टी JD(U) और गठबंधन के बल पर आसानी से टिकट मिल जाएगा।






