होली के बाद सियासी रंग में ‘रंग’ जाएंगे निशांत कुमार

पिता नीतीश के ‘ग्रीन सिग्नल’ मिलते ही जेडीयू में होगी एंट्री!

दीपक कुमार तिवारी

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जल्द ही राजनीति में कदम रख सकते हैं। खबर है कि होली के बाद वो जेडीयू में शामिल हो सकते हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से लगातार उन्हें पार्टी में लाने की मांग उठ रही है। बस अब नीतीश कुमार की हरी झंडी का इंतजार है। इस खबर से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
बता दें कि पिछले साल से ही जेडीयू में निशांत के नाम की चर्चा है। पार्टी कार्यकर्ता उन्हें शामिल करने के लिए बेताब हैं। लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता इस बारे में कुछ खास उत्साह नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि इस मुद्दे पर वो खुलकर बोलने से भी बच रहे हैं। इस वजह से मामला और भी रहस्यमय बन गया है।
हाल ही में निशांत अपने पिता के साथ बख्तियारपुर में एक कार्यक्रम में नजर आए थे। वहां उन्होंने लोगों से अपने पिता को वोट देने और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पिता जी ने अच्छा काम किया है, उन्हें जरूर वोट दें और दोबारा मुख्यमंत्री बनाएं। ये अपील बिहार की जनता के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी थी। इससे पहले निशांत 2015 में नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में दिखे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निशांत के इस बयान के बाद जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने कुछ इशारा किया था। उन्होंने कहा कि हम उनके (निशांत के) बयान का स्वागत करते हैं। उन्हें मौजूदा सरकार की अच्छी समझ है। निशांत के राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसे प्रगतिशील विचारों वाले युवाओं का राजनीति में स्वागत है, सही समय पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, जेडीयू ने आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा है।
लेकिन पार्टी के एक नेता ने गोपनीय तौर पर कहा कि अभी भी देर नहीं हुई है। हमें भविष्य के लिए निशांत कुमार को जेडीयू में लाने की जरूरत है। इस बयान के बाद निशांत के जेडीयू में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गई हैं। देखना होगा कि नीतीश कुमार इस मामले में क्या फैसला लेते हैं।
पर अब सवाल है कि क्या निशांत कुमार अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे? क्या वो जनता के बीच अपनी जगह बना पाएंगे? ये सवाल अभी भी बने हुए हैं। लेकिन एक बात तो साफ है, निशांत के राजनीति में आने से बिहार की राजनीति में एक नया रंग जरूर आएगा।

  • Related Posts

    रेजीनगर उपचुनाव वोटिंग के बीच गिरफ्तार किए गए हुमायूं कबीर, कॉलर से खींचकर ले गई बंगाल पुलिस

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले की…

    Continue reading
    ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की को लेकर विपक्षी सांसदों का मार्च शुरू, पुलिस  के रोकने पर धरने पर बैठे राहुल गांधी-प्रियंका

    चुनाव आयोग तक मार्च का ऐलान किया था…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सोशल मीडिया पर थू-थू होने पर बौखलाई सरकार, स्वतंत्र पत्रकारों पर अंकुश लगाने की तैयारी?  

    सोशल मीडिया पर थू-थू होने पर बौखलाई सरकार, स्वतंत्र पत्रकारों पर अंकुश लगाने की तैयारी?  

    चंद्रशेखर को मिल रहा आकाश आनंद के पार्टी से इन-आउट का फायदा ?

    चंद्रशेखर को मिल रहा आकाश आनंद के पार्टी से इन-आउट का फायदा ?

    बाबा खड़क सिंह : पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें सिखों का “अघोषित बादशाह” और देश का “लौह पुरुष” कहा था

    बाबा खड़क सिंह : पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें सिखों का “अघोषित बादशाह” और देश का “लौह पुरुष” कहा था

    वनवासियों के हितचिंतक स्वामी आत्मानंद

    वनवासियों के हितचिंतक स्वामी आत्मानंद

    पत्रकारों के लिए दिल्ली पुलिस की गाइडलाइन, यूजर्स ने लगा दी क्लास

    पत्रकारों के लिए दिल्ली पुलिस की गाइडलाइन, यूजर्स ने लगा दी क्लास

    स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत, अब नहीं जाना होगा जेल, मिली जमानत

    स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत, अब नहीं जाना होगा जेल, मिली जमानत