नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करते समय कैबिनेट में 26 मंत्रियों को पद सौंपे गए। शपथ ग्रहण में चर्चा का केंद्र बना परिवारवाद रहा। कई मंत्री ऐसे हैं जो प्रमुख नेताओं के परिजन हैं। आजत क की एक रिपोर्ट में इसे ‘दिलचस्प एंट्री’ कहा गया है, जहां एनडीए के 29 विधायकों में से 11 बीजेपी और 11 जेडीयू के विधायक ही परिवारवाद से जुड़े बताए गए। नीतीश कुमार खुद परिवारवाद से दूर रहते हैं। उनके बेटे निशांत को राजनीति से अलग रखा है, लेकिन गठबंधन के सहयोगियों में यह खूब फला-फूला।
कैबिनेट में ‘परिवारवाद’ की प्रमुख एंट्रीज
दिलचस्प बात यह है कि दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएमडी प्रमुख) के बेटे राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएमडी) कोटा विधायक नहीं हैं, लेकिन सीधे मंत्री बने हैं। विधान परिषद सदस्यता की योजना है। पिता राज्यसभा सांसद हैं, मां स्नेहलता विधायक बनीं। मोदी जी ने मंच पर सम्मान दिया। संतोष कुमार सुमनजीतन राम मांझी (एचएएम प्रमुख) के बेटे हैं। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (एचएएम) फिर से मंत्री बने हैं। मांझी परिवार में बहू, समधन और दामाद भी विधायक बने।नितिन नबीन नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं। बीजेपीबांकीपुर से विधायक, पहली बार मंत्री। पिता पूर्व विधायक।श्रेयशी सिंहदिग्विजय सिंह (पूर्व सांसद) की बेटीबीजेपीजमुई से विधायक, मंत्री बनीं।रमा निषादअजय निषाद (मुजफ्फरपुर सांसद) की पत्नीबीजेपीऔराई से विधायक, मंत्री। पति के बाद परिवार की एंट्री।








