प्रकृति का अपना ही स्वरूप है
अपना ही अन्दाज़ है
बहुत कुछ न होकर भी
सब कुछ है
प्रकृति विशाल है
सर्व रूपाकार है
हर किसी के हृदय के पास है
प्रेम एवं करुणा का अंबार है
प्रकृति महान है
हर काल में विद्यमान है
यही प्रकृति की पहचान है
प्रकृति ही हमारी शान है ..
प्रकृति ही हमारी शान है ..
केएम भाई








