मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बीजेपी की ओर से तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के बाद चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इसी क्रम में सोमवार को कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन और बीजेपी के तीसरे प्रत्याशी महेश केवट ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान दोनों दलों ने अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन भी किया. कांग्रेस और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता इस मौके पर मौजूद रहे।
कांग्रेस ने बीजेपी की रणनीति पर उठाए सवाल
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी की रणनीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास तीसरा राज्यसभा सांसद बनाने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है।
जीतू पटवारी ने कहा, “बीजेपी के पास तीसरा राज्यसभा सांसद बनाने के लिए 8 से 10 विधायक कम हैं, फिर भी उसने अपने तीसरे उम्मीदवार का नामांकन दाखिल कराया है। बीजेपी लोकतंत्र का चीरहरण करना चाहती है, लेकिन हमारे सभी विधायक एकजुट हैं. मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजकर बीजेपी को सबक सिखाएंगे.” कांग्रेस का दावा है कि उसके सभी विधायक एकजुट हैं और तीसरी सीट पर पार्टी मजबूत स्थिति में है।
बीजेपी ने जताया तीसरी सीट जीतने का भरोसा
वहीं बीजेपी की ओर से तीसरे उम्मीदवार महेश केवट के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। बीजेपी नेताओं ने इसे संगठन की ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। नामांकन के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “हमारी पार्टी ने प्रदेश से राज्यसभा के लिए तीसरा उम्मीदवार भी दिया है और हम राज्यसभा की तीसरी सीट भी जीतेंगे। हमें ऐसा पूर्ण विश्वास है. क्या बीजेपी और क्या कांग्रेस, हमारा कैंडिडेट सबसे मतदान की अपील करेगा और हम राज्यसभा की तीसरी सीट भी सुनिश्चित करेंगे।
तीसरी सीट पर टिकी सबकी नजर
राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही जीत का दावा कर रही हैं. एक तरफ बीजेपी अपनी रणनीति और समर्थन को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस अपने विधायकों की एकजुटता के दम पर मुकाबला जीतने का भरोसा जता रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह चुनाव मध्य प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बना रहेगा और सभी की नजरें अब मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं .

