रीवा । संसद में मोदी सरकार के द्वारा पेश किए गए बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समता सम्पर्क अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लोकतंत्र सेनानी अजय खरे ने कहा कि इसमें ऐसा कुछ नहीं जिससे आम आदमी को राहत मिल सके। लंबे समय से बुनियादी समस्याओं को नज़र अंदाज़ किया जा रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने की बात लफ्फाजी साबित हुई है। अभी तक कुछ नहीं हुआ। हर बार लाली पाप थमाया गया है। मौजूदा आर्थिक नीति से देश के सभी वर्गों का भविष्य अंधकारमय है। लोगों को चुग्गा नहीं, रोजगार देना चाहिए। बड़े पैमाने पर बेरोजगारों की बढ़ती संख्या यह बताती है कि सरकार ने बेरोजगार बनाने की फैक्ट्री खोल रखी है। महंगाई,भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, आर्थिक विषमता जैसे गंभीर सवालों पर कहीं कोई दृष्टि नहीं है। ऐसा लगता है कि बड़े पूंजीपतियों के खजाना को और भरने के लिए बजट है। देश पर विदेशी कर्ज का बोझ अत्यधिक बढ़ता जा रहा लेकिन ऐसे भयंकर ख़तरे की सरकार को परवाह नहीं जो देश को आर्थिक रूप से कमजोर और खोखला कर रहा है। यह तो आम आदमी को कमजोर करने वाला पूंजीवादी मोदी बजट है।








