उत्तर प्रदेश के लिए मोदी ने वापस लिए नए किसान कानून!

सी.एस. राजपूत   
शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला लिया है। बाकायदा  उन्होंने किसानों से माफी मांगी है। एक साल से ज्यादा लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन के आगे मोदी सरकार ने झुकते हुए तीनों कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है। पीएम मोदी ने किसानों से क्षमा मांगते हुए यह ऐलान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह शायद वह किसानों को समझा नहीं पाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महीने के अंत में शुरू हो रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानून वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान अब अपने घर और खेतों को लौट जाएं।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुपर्व के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि वह किसानों को समझा नहीं पाए। इसीलिए कानून वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि कानूनों का उद्देश्य पवित्र था और यह किसानों के हित में था। पीएम मोदी ने कहा कि बहुत सारे वैज्ञानिकों, किसान संगठनों ने इस कानूनों का स्वागत भी किया था।
द न्यूज 15 ने अपने न्यूज चैनल के साथ ही वेब पोर्टल पर भी नये कृषि कानून के चलते उत्तर प्रदेश में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के उलटफेर करने और 29 नवम्बर को शीतकालीन सत्र के शुरू होते ही दिल्ली सीमा पर बवाल होने का लेख प्रमुखता से प्रकाशित किया था। किसान आंदोलन का चेहरा बन चुके राकेश टिकैत ने बिना अनुमति के पांच सौ किसान दिल्ली में घुसाने की बात की थी।
प्रधानमंत्री का देश के नाम संबोधन खत्म होने के तुरंत बाद कृषि क़ानून वापस लेने के उनके ऐलान पर टीवी चैनलों पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। बीजेपी का कोई बड़ा नेता सामने नहीं आया। विनय कटियार और अनिल विज जैसे कुछ नेता ही बोलते दिखे। कटियार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कुछ सोच कर ही फैसला लिया होगा। विज बोले- अब किसानों को अपने घर जाकर नियमित काम में लगना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने ट्वीट करते हुए लिखा कि झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए।  वहीं यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास ने ट्वीट करते हुए लिखा कि किसानों की जीत, तानाशाह की हार। आम आदमी पार्टी के नेता व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के फैसले पर कहा कि किसानों व किसान आंदोलन को बधाई। निरंकुश सरकार को आपके एक साल लंबे अहिंसक आंदोलन ने झुकने को मजबूर कर दिया।
वहीं आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ये मोदी के अन्याय पर किसान आंदोलन की जीत ढेरों बधाई। भारत के अन्नदाता किसानों  पर एक साल तक घोर अत्याचार हुआ। सैंकड़ों किसानों की शहादत हुई। अन्नदाताओं को आतंकवादी कह कर अपमानित किया। इस पर मौन क्यों रहे मोदी जी? देश समझ रहा है चुनाव में हार के डर से तीनों काला क़ानून वापस हुआ।

Related Posts

ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, अब बंगाल TMC चीफ ने छोड़ा साथ, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC)…

Continue reading
दतिया उप चुनाव: कांग्रेस में टिकट पर मंथन, आज दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में होगा शक्ति प्रदर्शन

दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ पश्चिम चंपारण अंतर्गत विद्यालय अध्यापक प्रकोष्ठ का गठित किया गया.

  • By TN15
  • July 6, 2026
परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ पश्चिम चंपारण अंतर्गत विद्यालय अध्यापक प्रकोष्ठ का गठित किया गया.

अखिलेश यादव जी के जन्मदिन PDA पखवाड़ा पर रक्तदान समाजवाद की पहचान : रविंद्र पाल

  • By TN15
  • July 6, 2026
अखिलेश यादव जी के जन्मदिन PDA पखवाड़ा पर रक्तदान समाजवाद की पहचान : रविंद्र पाल

जन संवाद यात्रा के अंतर्गत ग्राम हरौला में जनहित के मुद्दों पर हुआ सार्थक संवाद

  • By TN15
  • July 6, 2026
जन संवाद यात्रा के अंतर्गत ग्राम हरौला में जनहित के मुद्दों पर हुआ सार्थक संवाद

Greater Noida News : बिजनौर के रवा राजपूतों ने किया समाज के उत्थान पर मंथन! 

  • By TN15
  • July 6, 2026
Greater Noida News : बिजनौर के रवा राजपूतों ने किया समाज के उत्थान पर मंथन! 

13 साल से फरार कुख्यात अपराधी STF के हत्थे चढ़ा, मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी

  • By TN15
  • July 6, 2026
13 साल से फरार कुख्यात अपराधी STF के हत्थे चढ़ा, मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी

मोतीपुर के भारत ऊर्जा एथेनॉल प्लांट में लगी आग, कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

  • By TN15
  • July 6, 2026
मोतीपुर के भारत ऊर्जा एथेनॉल प्लांट में लगी आग, कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा