मोदी जी देश को यह तो बता दो – आपने भारत की नीतियों और दृष्टिकोण पर किया क्या ?

विदेश नीति पर पूरी तरह विफल साबित हो रही मोदी सरकार

अमेरिका के दबाव में लिए जा रहे फैसले, उपदेश देने तक सिमटे प्रधानमंत्री

चरण सिंह 
हमारे प्रधानमंत्री से तो बस बातें बनवा लो। कल कह कह रहे थे कि जैसे हमने कोरोना का सामना किया ऐसे ही अब इजराइल और ईरान युद्ध के चलते आये संकट का सामना करना है। आज वह मीडिया समूह के एक कार्यक्रम में कह रहे हैं कि युद्ध जैसी कठिन परिस्थितियों में विश्व ने भारत की नीतियों, रणनीतिक सोच और क्षमताओं को पहचाना है। प्रधानमंत्री मोदी यह तो बताएं कि भारत की नीतियों और दृष्टिकोण को लेकर आपने किया क्या है ? युद्ध रोकने के लिए क्या किया ? भारत के रक्षा हितों के लिए क्या किया ?
आप तो ईरान पर हमले से एक दिन पहले इजराइल पहुंच गए और इजरायल की तकनीक को भारत के गांव गांव तक पहुंचाने की बात करने लगे। जब ईरान इस्रायल के बीच तनाव युद्ध स्तर का था तो आपको इजरायल जाने की जरूरत क्या थी ? यदि जाना इतना जरुरी था तो फिर भारत की नीतियों और दृष्टिकोण पर बोलना चाहिए था। आपने ने तो इजरायल की संसद में इजरायल की ब्रांडिंग की।
क्या आपको ईरान पर हमले से नहीं रोकना चाहिए था ? युद्ध नहीं बुद्ध की बात नहीं करनी चाहिए थी ?  ईरान पर हमले की निंदा नहीं करनी चाहिए थी। ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या पर अमेरिका और इजराइल को नहीं घेरना चाहिए था ? आपने अमेरिका के चक्कर में अपने दोनों परम्परागत दोस्तों रूस और ईरान दोनों को नाराज कर दिया। एक तरह से आपने भारत को इजरायल के साथ खड़ा दिखा दिया, जबकि भारत तेल और गैस होमुर्ज स्टेट से लाता है। मोदी जी देश को बताएं कि क्या भारत की नीतियां और दृष्टिकोण यही है ?
दरअसल पीएम मोदी ने मीडिया को हाईजैक कर लोगों के सोचने समझने की शक्ति को काफी हद तक खत्म कर दिया है। सरकार के अनुसार मीडिया लोगों को ख़बरें परोस रहा है। मोदी की लच्छेदार भाषा से जनता को भ्रमित किया जा रहा है। मीडिया के सत्ता का प्रवक्ता बनने से देश और समाज का बहुत नुकसान हो रहा यही। हम देश और विदेश दोनों स्तर पर कमजोर होते जा रहे हैं। अमेरिका जब चाह रहा है हमारी बांह मरोड़ दे रहा है। मोदी हैं कि बस उपदेश ही देते रहते हैं।
दुनिया के शासकों की स्थिति यह है कि ये लोग अपनी सनक के चलते लोगों को संकट में डाल दे रहे हैं  और फिर उस संकट को झेलने के लिए उपदेश दे रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री हैं कि इस मामले में सबसे आगे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि कोरोना चीन का दिया हुआ वायरस था और खाड़ी देशों का युद्ध अमेरिका का दिया हुआ। पीएम मोदी ने इन दोनों संकट को रोकने और उबरने के लिए क्या किया ? बस उपदेश ही दिया। कोरोना को रोकने के लिए उन्होंने लोगों से ताली और थाली बजवा दी। अब लोगों को महंगाई की आग में झोक दिया है।
मोदी ने अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों से अधिक विदेशी दौरे किये हैं। खर्च भी सबसे अधिक किया है पर विदेश नीति में वह कमजोर साबित हुए। विदेश नीति में राष्ट्रीय हितों की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करना होता है। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए क्या किया ? और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शांति के लिए क्या किया ? पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब हमने पाकिस्तान में स्थापित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया तो हमारे साथ खुलकर एक भी देश नहीं था। पहगलगाम आतंकी हमले में एक देश भी पाकिस्तान को घेर न सका।
पाकिस्तान के साथ चीन, टर्की समेत कई देश खड़े हो गए थे। जिस अमेरिका के सामने पीएम मोदी नतमस्तक हैं। वह अमेरिका पहलगाम आतंकी हमले की निंदा भी न कर सका। भारत के साथ ही पाकिस्तान को भी अपना मित्र बता दिया। उल्टा सीज फायर कराने का श्रेय और लेने लगा। पीएम मोदी का एक बोल भी न अमेरिका के राष्ट्रपति के खिलाफ न निकला। अब स्थिति यह है कि रूस तेल खरीदने के लिए अमेरिका से अनुमति लेनी पड़ रही है। ट्रेड डील में अमेरिका के किसानों के लिए भारत का कृषि बाजार खुलने जा रहा  है।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने देश की राजधानी नई दिल्ली में मीडिया समूह के एक कार्य्रकम में कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के दृष्टिकोण ने आपसी संबंध बनाने, निर्णायक कदम उठाने और संकटकालीन परिस्‍थ‍िति‍यों का कारगर तरीके से प्रबंधन करने की देश की मजबूत क्षमता को उजागर किया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने यह भी कहा कि भारत खाड़ी देशों से लेकर ग्‍लोबल वेस्‍ट, ग्‍लोबल साउथ और अपने पड़ोसी देशों तक सभी के लिए विश्‍वसनीय साझेदारी के रूप में उभरा है।

  • Related Posts

    क्या हम नीट और ऐसी प्रवेश परीक्षाओं को समाप्त कर सकते हैं?

    राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र…

    Continue reading
    शिक्षा पर कसा नवउदारवादी शिकंजा

    प्रेम सिंह     (यह लेख करीब 16-17…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    अभिजीत दीपके ने ‘डर की राजनीति’ को बताया चुनौती

    • By TN15
    • June 6, 2026
    अभिजीत दीपके ने ‘डर की राजनीति’ को बताया चुनौती

    छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापनों में उचित हिस्सेदारी देने की मांग

    • By TN15
    • June 6, 2026
    छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापनों में उचित हिस्सेदारी देने की मांग

    कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर संजय राउत का पोस्ट, ‘जिन्हें हम देश का भविष्य…’

    • By TN15
    • June 6, 2026
    कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर संजय राउत का पोस्ट, ‘जिन्हें हम देश का भविष्य…’

    कानपुर ब्लाइंड मर्डर केस में 15 साला पुराना दोस्त निकला हत्यारा, बुर्का पहनकर रची थी साजिश

    • By TN15
    • June 6, 2026
    कानपुर ब्लाइंड मर्डर केस में 15 साला पुराना दोस्त निकला हत्यारा, बुर्का पहनकर रची थी साजिश

    Khan Sir Surrender: खान सर से जुड़ी बड़ी खबर, गोलीकांड मामले में कोर्ट में किया सरेंडर

    • By TN15
    • June 6, 2026
    Khan Sir Surrender: खान सर से जुड़ी बड़ी खबर, गोलीकांड मामले में कोर्ट में किया सरेंडर

    जंतर-मंतर पर बवाल: कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन पर छिड़का ‘हिट’ स्प्रे

    • By TN15
    • June 6, 2026
    जंतर-मंतर पर बवाल: कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन पर छिड़का ‘हिट’ स्प्रे