दिवंगत पायलटों के मत्थे दोष मढ़ने के पीछे करोड़ों डॉलर का खेल?

एयर इंडिया फ्लाइट 171 के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए हादसे के बाद, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पायलटों पर दोष मढ़ने की बात सामने आई है, जिसके पीछे कुछ लोग और मीडिया आउटलेट्स करोड़ों डॉलर के खेल का दावा कर रहे हैं। यह दावा मुख्य रूप से इस तर्क पर आधारित है कि बोइंग, एक प्रमुख विमान निर्माता कंपनी, और अन्य बड़े कॉरपोरेट्स को बचाने के लिए पायलटों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। निम्नलिखित बिंदुओं में इस मुद्दे को समझा जा सकता है:

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट: भारत के Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के दोनों इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच “रन” से “कट-ऑफ” पोजीशन में चले गए, जिससे इंजनों को ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को दूसरे से पूछते सुना गया, “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?” जिसका जवाब था, “मैंने नहीं किया।” इसके बाद स्विच को वापस “रन” पोजीशन में किया गया, लेकिन तब तक विमान की ऊंचाई और थ्रस्ट कम हो चुकी थी, और वह क्रैश हो गया।dailymail.co.ukpeople.com
पायलटों पर दोष का आरोप: कुछ पश्चिमी मीडिया आउटलेट्स और विशेषज्ञों ने इस घटना को पायलट की गलती (ह्यूमन एरर) के रूप में चित्रित किया, जिसे भारतीय पायलट यूनियनों, जैसे Indian Commercial Pilots’ Association (ICPA) और Airline Pilots’ Association of India (ALPA India), ने “निराधार” और “असंवेदनशील” बताया। उनका कहना है कि बिना पूरी जांच के पायलटों पर दोष मढ़ना अनुचित है।
बोइंग और कॉरपोरेट हितों का कोण: सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स और लेखों में दावा किया गया है कि बोइंग और अन्य बड़े कॉरपोरेट्स को बचाने के लिए पायलटों को दोषी ठहराया जा रहा है। उदाहरण के लिए, यह उल्लेख किया गया कि बोइंग 787 के फ्यूल कंट्रोल स्विच में पहले भी समस्याएं (लॉकिंग मैकेनिज्म का डिसएंगेज होना) देखी गई थीं, जिसके लिए 2018 में US Federal Aviation Administration (FAA) ने एक सलाह जारी की थी, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया। Air India ने इस सलाह के आधार पर स्विच की जांच नहीं की थी।bbc.comfirstpost.com
करोड़ों डॉलर का खेल: कुछ X पोस्ट्स में सुझाव दिया गया है कि इस हादसे में बोइंग को जिम्मेदार ठहराने से कंपनी को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है, जिसमें मुआवजा, कानूनी लड़ाई, और कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान शामिल है। एक बोइंग 787 की कीमत लगभग 2000 करोड़ रुपये (लगभग 250 मिलियन डॉलर) होती है, और कंपनी पर सवाल उठने से इसके शेयरों और भविष्य के कॉन्ट्रैक्ट्स पर असर पड़ सकता है। साथ ही, कुछ लोगों का मानना है कि पश्चिमी मीडिया और जांच में बोइंग को “क्लीन चिट” देने की जल्दबाजी इसलिए की जा रही है क्योंकि कंपनी का वैश्विक प्रभाव और आर्थिक शक्ति बहुत अधिक है।
पायलट यूनियनों का पक्ष: ICPA और ALPA India ने जांच में पारदर्शिता की मांग की है और कहा है कि पायलटों को दोषी ठहराने की दिशा में जांच को “पूर्वाग्रहपूर्ण” तरीके से ले जाया जा रहा है। उनका कहना है कि पायलटों के पास 18,000 घंटों से अधिक का उड़ान अनुभव था, और बिना ठोस सबूतों के “पायलट आत्महत्या” जैसे गंभीर आरोप लगाना अनैतिक है।
अन्य संभावित कारण: कुछ विशेषज्ञों ने पक्षी टकराव (बर्ड स्ट्राइक) या यांत्रिक खराबी जैसे अन्य कारणों की ओर इशारा किया है। अहमदाबाद हवाई अड्डे पर बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं पहले भी दर्ज की गई हैं, और यह संभावना जताई गई है कि दोनों इंजनों में एक साथ खराबी (डबल इंजन फेल्योर) पक्षी टकराव के कारण हो सकती है। हालांकि, यह दुर्लभ माना जाता है।

  • Related Posts

    वीरता-सेवा पदक का ऐलान, पैरामिलिट्री फोर्स में सबसे ज्यादा CRPF को मिले
    • TN15TN15
    • August 14, 2026

    15 अगस्त 2026 को देश आजादी के 80…

    Continue reading
    किसानों ने दिया देशभक्ति का संदेश, भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में निकाली तिरंगा रैली
    • TN15TN15
    • August 14, 2026

    भारत के 80 में स्वतंत्रता दिवस की धूम…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    वीरता-सेवा पदक का ऐलान, पैरामिलिट्री फोर्स में सबसे ज्यादा CRPF को मिले

    • By TN15
    • August 14, 2026
    वीरता-सेवा पदक का ऐलान, पैरामिलिट्री फोर्स में सबसे ज्यादा CRPF को मिले

    जवाबदेह सरकार के लिए पूर्वांचल यात्रा आजमगढ़ पहुंची

    • By TN15
    • August 14, 2026
    जवाबदेह सरकार के लिए पूर्वांचल यात्रा आजमगढ़ पहुंची

    वो दर्दनाक दौर जिसे इतिहास कभी भुला नहीं सकता: विभाजन विभीषिका में बिछड़े लाखों परिवारों को कोटि-कोटि नमन

    • By TN15
    • August 14, 2026
    वो दर्दनाक दौर जिसे इतिहास कभी भुला नहीं सकता: विभाजन विभीषिका में बिछड़े लाखों परिवारों को कोटि-कोटि नमन

    ‘भारत की सहनशीलता को न समझें…’, डोभाल ने दिलाई ऑपरेशन सिंदूर की याद

    • By TN15
    • August 14, 2026
    ‘भारत की सहनशीलता को न समझें…’, डोभाल ने दिलाई ऑपरेशन सिंदूर की याद

    अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, ‘सौरव के एक वीडियो की वजह से…’

    • By TN15
    • August 14, 2026
    अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, ‘सौरव के एक वीडियो की वजह से…’

    ‘संदीप दीक्षित का बयान..’: पहली बार कांग्रेस से दूर हुई RJD, पार्टी MP बोले- सिर्फ राष्ट्राध्यक्ष की बात नहीं है

    • By TN15
    • August 14, 2026
    ‘संदीप दीक्षित का बयान..’: पहली बार कांग्रेस से दूर हुई RJD, पार्टी MP बोले- सिर्फ राष्ट्राध्यक्ष की बात नहीं है