विदेश दौरे में सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

ईरान-इजरायल और अमेरिका युद्ध पर एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ना सरकार की विफलता

 

चरण सिंह 
नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सबसे अधिक विदेशी दौरे किए हैं। हर मुद्दे पर ज्ञान देने वाले पीएम मोदी ने अपने पर जनता का पैसा भी सबसे अधिक खर्च किया है। मीडिया का मुख्य केंद्र बनने में भी मोदी अव्वल रहे हैं। विश्व गुरु बनने का दंभ भरने वाले मोदी न केवल देश और समाज के प्रति बल्कि विदेशी नीति में भी कमजोर प्रधानमंत्री साबित हो रहे हैं। जिस अमेरिका को भारत ने कभी भाव नहीं दिया उस अमेरिका के सामने मोदी नतमस्तक है। स्थिति यह हो गई है कि रूस से तेल खरीदने के लिए भी भारत को अमेरिका से अनुमति लेनी पड़ रही है।

हर चीज का पर्याप्त भंडार होने के दावा करने वाली सरकार ने घरेलू गैस पर 60 तो कमर्शियल गैस पर 125 रुपए बढ़ा दिए हैं। पीएम मोदी देश की मजबूती के लिए कोई ठोस संदेश नहीं दे पाए। पीएम मोदी न तो पाकिस्तान से युद्ध के समय कोई ठोस निर्णय न ले पाए और अब अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने कुछ बोल पा रहे हैं।

दरअसल मोदी सरकार हवा बाजी के चलते लगातार देश को कमजोर लगी है। भारत की विदेश नीति से हटकर खुलकर इजरायल और अमेरिका के साथ खुलकर सामने आ गई है। क्या मोदी को उस दिन समझ में नहीं आया था जब ईरान पर हमला करने से पहले विशेष रूप से इजरायल बुलाया था ? क्या उन्हें यह नहीं पता था कि युद्ध हुआ तो गैस तेल और दूसरे उत्पादों की किल्लत देश में हो सकती है ? क्या मोदी इजरायल में युद्ध नहीं बुद्ध की बात कर सकते थे ? यदि मोदी को गफलत में रखकर इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो फिर मोदी इस मामले में आपत्ति क्यों नहीं जताई ? क्यों नहीं भारत की बदनामी करने के प्रयास पर इजरायल और अमेरिका को बड़ा संदेश दिया ?

चाहे पाकिस्तान से युद्ध के समय सीज फायर हो, चाहे ट्रेड डील में अमेरिका के किसानों के लिए भारत का कृषि बाजार खोलने का मामला हो, चाहे टैरिफ बढ़ने पर सरकार का ढुलमुल रवैया हो, चाहे रूस और ईरान से संबंधों का मामला हो, भारत  की आंतरिक राजनीती हो हर मामले में पीएम मोदी कमजोर साबित हुए हैं। बड़े स्तर पर मीडिया को हाईजेक कर मोदी अपनी सरकार की कमजोरियों को छिपाते रहे हैं, जिसके चलते लगातार देश कमजोर हो रहा है। निश्चित रूप से इतिहास में आज के दौर का मीडिया सत्ता के चाटुकार के रूप में गिना जाना जाएगा। इसमें दो राय नहीं कि देश का सबसे अधिक नुकसान वह मीडिया कर रहा है जो दिन रात सरकार का भोंपू बना रहता है।

ऐसे में प्रश्न उठता है कि ऐसे में विपक्ष क्या कर रहा है ? क्षेत्रीय दल सरकार के दबाव में देखे जा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल तो रही है पर वह बड़ा आंदोलन कर सरकार को घेरने में विफल साबित हुई है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले फिर से देश में बड़ा आंदोलन हो रहा है। भारत में राजनीति से ऊपर उठकर बड़े आंदोलन की जरुरत है। आंदोलन ही देश को बचा सकता है। विपक्ष की कमजोरी और बिखराव का फायदा सरकार उठा रही है।

दरअसल मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान जंग के कारण बढ़ते संकट के बीच देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। बेंगलुरु, जयपुर, मुंबई और चेन्नई में कमर्शियल गैस की किल्लत की खबरें सामने आई हैं।  चेन्नई-कोलकाता में कमर्शियल सप्लाई ठप होने की खबर है।

  • Related Posts

    ‘किसी भी राजनीतिक पार्टी से मिलने से ऐतराज नहीं’, राहुल गांधी के आरोपों पर EC की सफाई

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी…

    Continue reading
    सेवा के 25 साल पूरे करने पर पीएम मोदी ने भगवान से मांगी 140 करोड़ लोगों की सेवा करने की क्षमता

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन में सेवा…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    SIR रद्द करो, मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दो !

    SIR रद्द करो, मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दो !

    प्रदर्शन के बीच हिरासत में Ex-CM ममता, केजरीवाल और विजयन, BJP बोली- अराजकता की कोशिश

    प्रदर्शन के बीच हिरासत में Ex-CM ममता, केजरीवाल और विजयन, BJP बोली- अराजकता की कोशिश

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और महाभियोग की मांग को लेकर किसान सभा व किसान एकता संघ का प्रदर्शन

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और महाभियोग की मांग को लेकर किसान सभा व किसान एकता संघ का प्रदर्शन

    सुनो ए ताना शाह

    सुनो ए ताना शाह

    ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए’, CJP प्रोटेस्ट से पहले SC की टिप्पणी

    ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए’, CJP प्रोटेस्ट से पहले SC की टिप्पणी

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’