पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी सहित कई नेता BJP में शामिल, मध्य प्रदेश में कांग्रेस का झटका

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी और पूर्व सांसद गजेंद्र राजूखेड़ी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इसके साथ ही संजय शुक्ला, विशाल पटेल, पूर्व विधायक अर्जुन पलिया और पूर्व विधायक अर्जुन पलिया ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है. बता दें कि दो दिन पहले ही सुरेश पचौरी ने इस्तीफा दिया था. सुरेश पचौरी भोजपुर से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. वे बीजेपी के सुरेंद्र पटवा से दोनों बार चुनाव हार गए थे. माना जा रहा है कि अब जिले से पचौरी समर्थक भी पार्टी छोड़ सकते है. मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, सुल्तानपुर,बाड़ी सहित जिले में कई नेता पचौरी समर्थक हैं.

तो वहीं गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी 1998 से 2004 तक सांसद रहे. फिर वे 2009 से 2014 तक सांसद रहे. टिकट नहीं मिलने पर वे पार्टी से नाराज चल रहे थे. इतना ही नहीं राहुल गांधी की न्याय यात्रा में भी वे शामिल नहीं हुए थे. इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. हम लोगों को पता था कि जहां-जहां राहुल गांधी जाते हैं वहां लोग पार्टी छोड़ते हैं. हर पार्टी में अच्छे लोग होते है. कोई स्वभामिनी व्यक्ति ऐसे माहौल में काम नहीं करना चाहता है. राहुल गांधी अपने बड़े नेताओं का सम्मान नहीं करते हैं. यही कारण यह दिगाज पार्टी छोड़ रहे हैं. ऐसे अच्छे लोग बीजेपी में लगातार ज्वॉइन कर रहे हैं.

सुरेश पचौरी और गजेंद्र राजूखेड़ी ने क्या कहा

सुरेश पचौरी ने कहा कि मैंने जब राजनीति शुरू की थी तो देश सेवा और समाज सेवा उद्देश था. एक नारा भी लगा था जात पर न पात पर,पर अभी जो निर्णय हो रहे है वह बेहद गलत हो रहे है. सेना के शौर्य पर सवाल खड़े नहीं करते. धार्मिक निर्णय की बात करें तो राम मंदिर निर्माण का न्योता ठुकरा दिया, जबकि मैं हमेशा मंदिर निर्माण का पक्षधर रहा हूं. कांग्रेस के शासन में राम मंदिर का ताला खुला और शिलान्यास हुआ. फिर यह मामला कोर्ट में गया जब निर्णय आया तो हमने स्वागत किया, फिर न्योता ठुकराने की जरूरत क्या थी. राम चरित मानस में लिखा है कि जो राम का आदर नहीं करता उसे छोड़ दिया जाए, तो मैने कांग्रेस छोड़ दी.

तो वहीं गजेंद्र सिंह ने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने आदिवासी भाई बहनों का सम्मान किया है. सुमेर सिंह सोलंकी को राज्यसभा भेजा. अनुसुइया यूइके को राज्यपाल बनाया जबकि कांग्रेस ने कभी आदिवासी को सम्मान नहीं दिया. वोट आदिवासी का मलाई बड़े नेता खाए, ये ठीक नहीं है.

संजय शुक्ला भी बीजेपी में शामिल

इंदौर-1 के पूर्व विधायक संजय शुक्ला ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है. उन्होंने बीजेपी के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय के सामने चुनाव लड़ा था. हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. माना जाता है कि उनके पास कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज है. वे बीजेपी के वरिष्ठ नेता विष्णु प्रसाद शुक्ला के बेटे हैं. चचेरे भाई गोलू शुक्ला वर्तमान में विधानसभा तीन से बीजेपी के विधायक हैं. वे कमलनाथ के करीबी माने जाते रहे हैं. बताते हैं कि जीतू पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से उनके बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे.
इसके साथ ही जसपाल सिंह अरोड़ा और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष रहेअतुल शर्मा ने भी की बीजेपी जॉइन कर ली है. इस दौरान पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज की घटना एमपी के लिए असाधारण घटना है. जब मैं पढ़ता था तब सुरेश पचौरी छात्र राजनीति करते थे. हम तो कहते हैं बड़ी देर भई नंदलाला…चार बार राज्यसभा सांसद रहे. यह अपने आप में बड़ी बात है. पूरी राजनीति में एक दाग सुरेश पचौरी पर नहीं है. कांग्रेस का बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस अपने बड़े नेताओं का सम्मान नहीं कर पा रही है. ऐसे में लोग तो पार्टी छोड़ेंगे ही. पीएम मोदी के पीछे पूरा देश खड़ा है. यह सभी नेता पीएम मोदी का साथ देने पार्टी में आए हैं. देर आए दुरस्त आए.

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