मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू, जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य हैं, ने आज (14 अक्टूबर 2025) महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 60 माओवादी कैडरों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर अबूझमाड़ क्षेत्र में।
पृष्ठभूमि:
नाम और पहचान: मल्लोजुला वेणुगोपाल राव (उर्फ सोनू दादा, भूपति) की उम्र लगभग 67-70 वर्ष है। वे तेलंगाना के करीमनगर जिले के मूल निवासी हैं और बी.कॉम पास हैं। उनकी पत्नी डीवीसी ताराबाई आंध्र प्रदेश की रहने वाली हैं।
नक्सली इतिहास: वे सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष नेताओं में से एक थे और संगठन के पोलित ब्यूरो के सदस्य थे। उनके पास एके-47 राइफल थी। केंद्र सरकार ने उनके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था।
पिछली गतिविधियां: सितंबर 2025 में उन्होंने हथियार डालने का संकेत देते हुए एक बयान जारी किया था। 1 अक्टूबर को भी उन्होंने मुख्यधारा में शामिल होने और सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने के बारे में पत्र लिखा था, जिससे माओवादियों के एक वर्ग में सरेंडर की चर्चा तेज हो गई।
घटना का विवरण
आत्मसमर्पण गढ़चिरौली पुलिस के सामने हुआ, जहां सोनू और उनके 60 साथियों ने हथियार डाल दिए।
यह सुरक्षा बलों की एक बड़ी सफलता है, जो लंबे समय से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
सरेंडर के कारण
संगठन के अंदर मतभेद और सशस्त्र संघर्ष की असफलता।
मुख्यधारा में लौटने की इच्छा, जैसा कि उनके हालिया पत्रों से स्पष्ट है। माओवादी सेंट्रल कमेटी ने भी उन पर कार्रवाई की बात कही थी।
सरकार की प्रतिक्रिया और भविष्य
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में मील का पत्थर बताया है।
सरेंडर करने वालों को पुनर्वास योजना के तहत सहायता दी जाएगी, जिसमें नौकरी, प्रशिक्षण और सुरक्षा शामिल हो सकती है।
इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना की उम्मीद बढ़ गई है।






