छह मशीन और पांच डाई के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार
अब तक 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है गिरोह
सहारनपुर में पुलिस ने नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में खपाने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20 रुपये के 6400 नकली सिक्के बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 1 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा सिक्के बनाने की छह मशीनें, पांच लोहे की डाई, डाई पॉलिश करने की मशीन, घिसाई के पत्थर, हथौड़े, रेती, रिंच, पेचकस, प्लास, वर्नियर कैलिपर्स, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन भी बरामद हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क सहारनपुर से लेकर पंजाब, मुजफ्फरनगर, बदायूं, भदोही और बिहार के मधुबनी तक फैला हुआ था। अब तक की जांच में 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के बाजार में खपाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य पहले दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में जेल जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, जेल में ही उनकी मुलाकात हुई और वहीं नकली सिक्कों का नेटवर्क खड़ा करने की योजना बनाई गई।
जेल से बाहर आने के बाद सभी ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां तय कर काम शुरू कर दिया। एसएसपी अभिनंदन के मुताबिक, गिरोह का मुख्य सरगना उपकार लूथरा है, जो वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के धंधे से जुड़ा बताया जा रहा है। गिरोह के पास ऐसा सेटअप था, जिससे रोजाना करीब 10 से 12 हजार नकली सिक्के तैयार किए जा सकते थे। पुलिस का कहना है कि तैयार नकली सिक्कों को सरकारी शराब के ठेकों, टोल टैक्स, छोटी दुकानों और बाजारों में छोटे-छोटे लेनदेन के जरिए खपाया जाता था। मौके से अधबने सिक्के, सात हिसाब-किताब रजिस्टर, पैड और चेकबुक भी बरामद हुई हैं। जांच में सहारनपुर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना का भी खुलासा हुआ है। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस बरामद मोबाइल फोन, रजिस्टर और दस्तावेजों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।





