ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार के संस्थापक हैं मदन लाल आज़ाद
आरोपी पर जातीय रंग देने का भी आरोप, जातिसूचक गाली देने का भी आरोप लगाया
अलीगढ़। ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार के संस्थापक मदन लाल आजाद ने एम्स के एक कर्मचारी को फर्जी करार देते हुए आरोप लगाया है कि उसने अपने साथियों और नकली पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उन्हें मारने का प्रयास किया। मदन लाल आज़ाद का कहना कि गत रात 12 बजे के करीब नई दिल्ली एम्स के फर्जी कर्मचारी राकेश कुमार शर्मा और उसके साथी मुदित शर्मा सचिन पंडित और अविनाश बगैरा ने जनपद अलीगढ़ थाना खैर के अंतर्गत आने वाले उनके गांव गढ़ी नगला श्योराम में पहुंचकर उन्हें जान से मारने की नीयत से उनके घर पर हमला किया। उनका कहना है कि इन लोगों ने रात को दो बार हमला किया।

मदन लाल आज़ाद का कहना है कि राकेश कुमार शर्मा के साथ कुछ नकली पुलिस वाले भी थे, जिन्होंने माँगने पर न तो पुलिस का परिचय पत्र दिखाया और न ही यह बताया वह किस थाने से इतनी रात में क्यों आये हैं ? बस सब उन्हें और उनके परिवार को गन्दी-गन्दी गालियां दे रहे थे। उन्होंने आरोपियों पर जातिसूचक अपशब्द भंगी, चूहड़ा, ढेड कमीन कहने और गोलियों से भूनने की धमकियां देने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा है कि यह सब गुंडे उन्हें जान से मार देना चाहते थे। नारायण की कृपा से वह बच गए और सुरक्षित हैं। मदन लाल आज़ाद का कहना है कि कल अपने चाचा के अंतिम संस्कार के समय शमसान में उन्हें राकेश शर्मा को माफ़ करने का विचार आ रहा था, लेकिन अब इस वारदात के बाद उसे माफ़ करने का विचार त्याग दिया है। उन्होंने कहा कि फर्जी कर्मचारी और उसके सहयोगी गैंग को लगता है कि एक भंगी मदन लाल आजाद उसके दुष्कर्मों को चुनौती कैसे दे सकता है ?
मदन लाल आज़ाद का कहना है कि राकेश कुमार शर्मा गैंग हमलावर हो चुका है और भाजपा नेताओं के संरक्षण में उन्हें जान से मार देना चाहता है। फर्जी कर्मचारी को सहयोग करने वाले ज्यादातर गुंडों और उसके अपने फोटो भाजपा नेताओं के साथ हैं। मदन लाल आज़ाद ने मामले की तहरीर खैर थाने में दी है। उनका कहना है कि पुलिस भी एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। मदन लाल आज़ाद ने कहा कि फर्जी राकेश कुमार शर्मा के काले कारनामो पर साकेत कोर्ट दिल्ली में 8 और 9 सितंबर को लगातार दो दिन सुनवाई होनी है और दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी कर रखी है। उनके बयान दर्ज हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 8 और 9 सितम्बर को होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए फर्जी कर्मचारी का गैंग उनके क़त्ल की योजना बना रहा है और इस कानूनी लड़ाई को भंगी-ब्राह्मण का नाम देकर जातीय लड़ाई में बदल देना चाहता है ताकि वह अपने अपराधों को छुपा सके। उनका कहना यह भी है कि फर्जी कर्मचारी राकेश कुमार शर्मा के खिलाफ भ्रूण हत्या गैंग रेप धोखाधड़ी का एक मुकदमा थाना नेब सराय दिल्ली में अपराध क्रमांक 787/2022 पर दर्ज है, जो मेरे गाँव की अनाथ ब्राह्मण लड़की ने दिनांक 26 दिसम्बर 2022 को दर्ज कराया था।
दूसरे अन्य मामले भी उसके खिलाफ दर्ज हैं फिर भी भाजपा सरकार और एम्स प्रशासन इस फर्जी कर्मचारी को बर्खास्त नहीं कर रहा न जेल भेज रहा, जबकि यह अपराधी राकेश कुमार शर्मा पुत्र हरिशंकर शर्मा निवासी गाँव साबोता मुस्तफ़ाबाद थाना जेवर जिला गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर साल 2002 में एम्स नई दिल्ली में नौकरी पर लगा था और छलपूर्वक अब तक नौकरी कर रहा है।








