बिहार की तरह UP के इस जिले में बुलडोजर तले रौंद दी गई हजारों लीटर शराब

द न्यूज 15

देवरिया। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद कई स्‍थानों पर शराब की बोतलों पर बुलडोजर चलते दिखी थीं। आज वैसा ही नज़ारा उत्‍तर प्रदेश के देवरिया में देखने को मिला जहां 15386 लीटर अवैध शराब पर बुलडोजर चला है। कोर्ट के आदेश पर देवरिया के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र में 15386 लीटर अवैध शराब का जखीरा बुलडोजर से रौंद दिया गया।

इस बारे में पुलिस अधीक्षक डा.श्रीपति मिश्र ने बताया कि पिछले दिनों आबकारी अधिनियम के तहत 234 मुकदमे दर्ज कर भारी मात्रा में अवैध देशी और अंग्रेजी शराब बरामदगी की गई थी। इस सिलसिले में कई तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया था। गिरफ्तार आरोपी अदालत से अपनी-अपनी जमानत करा चुके हैं।

एसपी ने बताया कि अदालत के आदेश पर बरामद अवैध शराब जिसमें करीब 2500 लीटर देशी शराब और करीब 73200 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ कुल 15386 लीटर शराब थी, को बुलडोजर लगाकर नष्ट करा दिया गया है।

Related Posts

लखनऊ में पारिवारिक विवाद का खूनी अंत, पत्नी-बहन की हत्या के बाद खुदकुशी
  • TN15TN15
  • August 20, 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक पारिवारिक…

Continue reading
प्रिंसिपल को 27 बार गोदा चाकू, ‘बाबू’ शब्द ने कातिल छात्र तक पहुंचाया
  • TN15TN15
  • August 20, 2026

नलगोंडा जिले में प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल रूपा…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

‘अखिलेश जी ड्रामा नहीं हिसाब दीजिए’, JPNIC को लेकर OP राजभर ने सपा चीफ को घेरा

‘अखिलेश जी ड्रामा नहीं हिसाब दीजिए’, JPNIC को लेकर OP राजभर ने सपा चीफ को घेरा

अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार व्याप्त 

नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार व्याप्त 

अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे से भड़का लोगों का विरोध!

अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे से भड़का लोगों का विरोध!

‘BJP ने इमरजेंसी को पीछे छोड़ दिया’, CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले आशुतोष रांका

‘BJP ने इमरजेंसी को पीछे छोड़ दिया’, CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले आशुतोष रांका

क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?

क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?