सुप्रीम कोर्ट पहुंचा लॉ छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला ?

कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय प्रथम वर्ष की एलएलबी छात्रा के कथित गैंगरेप का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। इस मामले में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की गई है। याचिका में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा के पीड़िता के बारे में कथित अपमानजनक बयानों का भी जिक्र किया गया है।

 

मामले का विवरण:

घटना: 25 जून 2025 को साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज के परिसर में गार्ड रूम में छात्रा के साथ कथित गैंगरेप हुआ। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी, 31 वर्षीय मनोजीत मिश्रा (पूर्व छात्र और टीएमसी छात्र संगठन से जुड़ा हुआ), 19 वर्षीय जैब अहमद और 20 वर्षीय प्रमीत मुखर्जी ने उसका यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने बताया कि उसे हॉकी स्टिक से पीटा गया, वीडियो रिकॉर्ड किया गया, और ऑनलाइन लीक करने की धमकी दी गई।
गिरफ्तारी: कोलकाता पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों—मनोजीत मिश्रा, जैब अहमद, और प्रमीत मुखर्जी—को 26-27 जून को गिरफ्तार किया। बाद में, कॉलेज के सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी को भी गिरफ्तार किया गया, जो घटना के समय मौजूद थे लेकिन मदद नहीं की।
जांच: कोलकाता पुलिस ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है, जिसकी अगुआई असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस प्रदीप कुमार घोषाल कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल जांच ने पीड़िता के आरोपों की पुष्टि की है, जिसमें जबरन प्रवेश, काटने के निशान और नाखूनों के खरोंच के सबूत मिले।
राजनीतिक विवाद: इस मामले ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। बीजेपी ने टीएमसी सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफलता का आरोप लगाया, विशेष रूप से मनोजीत मिश्रा के टीएमसी छात्र संगठन से कथित संबंधों को लेकर। टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मिश्रा का पार्टी से कोई सक्रिय संबंध नहीं था और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका: याचिका में सीबीआई जांच की मांग के साथ-साथ टीएमसी नेताओं के बयानों पर आपत्ति जताई गई है। यह मामला कोलकाता में आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर मामले के बाद सुर्खियों में है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया था।

 

वर्तमान स्थिति

 

सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक इस मामले में सुनवाई की तारीख निर्धारित नहीं की है, लेकिन याचिका में सीबीआई जांच की मांग और टीएमसी नेताओं के बयानों पर कार्रवाई की अपील की गई है।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी मामले का स्वत: संज्ञान लिया और कोलकाता पुलिस से समयबद्ध जांच की मांग की है।
कोलकाता में इस घटना के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिसमें बीजेपी, कांग्रेस और अन्य संगठनों ने हिस्सा लिया।
यह मामला पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है।

  • Related Posts

    ‘THEY FIRED THE FIRST SHOT… न्यायपालिका करप्ट है आप ये सिखाना चाहते हो’, NCERT पर भड़के चीफ जस्टिस
    • TN15TN15
    • February 26, 2026

    सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने…

    Continue reading
    तिहाड़ जेल में ही रहेंगे राजपाल यादव, नहीं मिली बेल!
    • TN15TN15
    • February 12, 2026

    नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर राजपाल…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    गंगेश्वर रसोई गैस की क़ीमतों में बेतहासा वृद्धि किए जाने की माकपा ने की कड़ी आलोचना : गंगेश्वर दत्त शर्मा

    • By TN15
    • March 10, 2026
    गंगेश्वर रसोई गैस की क़ीमतों में बेतहासा वृद्धि किए जाने की माकपा ने की कड़ी आलोचना : गंगेश्वर दत्त शर्मा

    Sahara : निष्ठा और लगन की एक पहचान बनकर आए हैं ?

    • By TN15
    • March 10, 2026
    Sahara : निष्ठा और लगन की एक पहचान बनकर आए हैं ?

    किसान संघर्ष समिति की बैठक में अमेरिका इजरायल की निंदा !

    • By TN15
    • March 10, 2026
    किसान संघर्ष समिति की बैठक में अमेरिका इजरायल की निंदा !

    विदेश दौरे में सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

    • By TN15
    • March 10, 2026
    विदेश दौरे में सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

    विदेश दौरे सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

    • By TN15
    • March 10, 2026
    विदेश दौरे सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

    दोहरे मापदंड महिला आजादी में बाधक : नारी चेतना मंच

    • By TN15
    • March 10, 2026
    दोहरे मापदंड महिला आजादी में बाधक : नारी चेतना मंच