Karnataka Politics : बीजेपी की मुश्किलें बढ़ाएंगे पंचमसाली लिंगायत ? आरक्षण के लिए कर रहे मार्च

कर्नाटक में पंचमसाली लिंगायत समुदाय अपने लोगों की शैक्षिक और व्यवसायिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक आरक्षण की मांग कर रहा है।

कर्नाटक में पंचमसाली लिंगायत समुदाय की पदयात्रा गुरुवार को बेलगावी पहुंची। समुदाय की मांग है कि उन्हें और अधिक आरक्षण देते हुए दो अ के 15 फीसदी ओबीसी वर्ग में शामिल किया जाए। कुदालसंगम पंचमसाली पीठ के संत बसव जया मृत्युंजय स्वामी के नेतृत्व में हो रही पंचमसाली पदयात्रा के चलते बेलासवी के हिरेबगवाड़ी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

आरक्षण के लिए लिंगायत समुदाय का मार्च

राज्य के गृहमंत्री अरागा ज्ञानंेद्र ने कहा है कि पंचमसाली लिंगायत अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे हैं और पुलिस ने यहां प्रदर्शनकारियों की संख्या के अनुसार उचित व्यवस्था की। वहीं, आरक्षण को लेकर कर्नाटक में लंबे समय से चली आ ही पंचमसाली लिंगायत की मांग पर कर्नाटक सरकार गुरुवार २२ दिसंबर को फैसला ले सकती है।
पंचमसाली लिंगायत समुदाय प्रमुख वीरशैव-लिंगायत समुदाय का एक उप संप्रदाय है। इसे बीजेपी के वोटर्स के आधार माना जाता है। पंचमसाली समुदाय आरक्षण मैट्रिक्स की श्रेणी 2अ (15 प्रतिशत) में शामिल होना चाहता है। वर्तमान में ३ई (5 प्रतिशत) की श्रेणी में शामिल हैं। कर्नाटक में पंचमसाली लिंगायत अपने समुदाय के लोगों की शैक्षिक और व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करनेे के लिए अधिक आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

दरअसल पंचमसाली लिंगायत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और नौकरी कोटा प्रदान करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। पंचमसाली समुदाय की मांग ओबीसी के लिए 2अ कोटा श्रेणी के तहत शामिल करने की है जिसके तहत १५ प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। वर्तमान में यह कर्नाटक में ३ई श्रेणी में आते हैं, जिसमें केवल पांच प्रतिशत कोटा शामिल हेै। समुदााय के अधिकांश सदस्य कृषि करते हैं। पंचमसाली लिंगायत समुदाय ने ओबीसी की मांग के पीछे अपने लोगों के एक बड़े वर्ग के बीच गरीबी का हवाला दिया है।

पंचमसाली राज्य की छह करोड़ आबादी में लगभग 85 लाख होने का दावा करते हैं और लिंगायत आबादी का 70 प्रतिशत से अधिक होने का दावा करते हैं। यह कर्नाटक की आबादी का लगभग 17 प्रतिशत होने का अनुमान है।

जल्द फैसला ले सकती है बोम्मई सरकार

पंचमसाली लिंगायत आरक्षण आंदोलन में आगे रहे भाजपा के बीजापुर शहर के विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कैबिनेट के फैसले का संकेत दिया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, आरक्षण को लेकर फैसला होगा। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई एक ऐतिहासिक फैसला लेंगे। आप बोम्मई को कल आधिकारिक घोषणा करते देखेंगे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कुदालसंगम पंचमसाली पीठ के संत बसव जया मृत्युंजय स्वामी न काह कि अगर मुख्यमंत्री हमें आरक्षण देकर न्याय करते हैं तो हम उनका सम्मान करेंगे, अगर उन्होंने फैसले में देरी की तो हम सुवर्ण विधानसौधा के सामने प्रदर्शन करेंगे।

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