राजस्थान के श्रीनाथ द्वारा के सबसे प्राचीन साहित्यिक संस्था साहित्य मण्डल ने आज के हिंदी दिवस की पूर्व संध्या 13 सितम्बर पर आयोजित कार्यक्रम में देश के अनेक प्रदेशों से आए साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। जिसमें दिल्ली से पधारी डा. पुष्पा सिंह विसेन को काव्य शिरोमणि सम्मान एवं पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुष्पा सिंह विसेन ने नगद धनराशि मचं से ही*साहित्य मण्डल* संस्था को सहयोग के रुप में दे दिया।इनकी यही महानता है कि ये किसी भी संस्था से धनराशि नहीं लेती हैं।
प्रथम सत्र में गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना एवं हिन्दी भाषा पर तमिलनाडु से आई विदुषी शिक्षिकाओं डा.एस प्रीति,डा.एस.रजनी एवं एस. कल्याणी द्वारा सारगर्भित व्याख्यान दिए गए।
संचालक महोदय के कुशल संचालन में सहयोगी डा.सुरेंद्र सार्थक श्रेष्ठ व्यंग्यकार एवं संजीव अंजुम रावत शिक्षक के साथ साथ अपनी रचना धार्मिकता निभाते रहते हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार प्रो .गिरिश्वर मिश्र, गोरखपुर,डा.राजेंद्र प्रसाद मिश्र उड़ीसा, डा.कृष्ण लाल विश्नोई बिकानेर, आचार्य ओम नीरव लखनऊ,एवं डा.राहुल दिल्ली आदि को सम्मानित एवं धनराशि से पुरस्कृत किया गया।
डा.अखिलेश निगम लखनऊ,डा.श्यम मनोहर सिरोठिया सागर,आदि को सम्मानित किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि कैसे हम सभी के द्वारा हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के संदर्भ में काम करने का संकल्प किया जाए।
रात्रि प्रहर में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सुरेन्द्र सार्थक के कुशल संचालन में कवि कवियित्रियों ने बहुत ही सुंदर काव्य पाठ किया। श्रोताओं ने बहुत ही भावविभोर हो कर कवि सम्मेलन का आनंद लिया। इस प्रकार से श्री श्याम प्रकाश देवपुरा जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए समापन किया।








