पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न्स ने 26 अगस्त 2025 को मानदेय (स्टाइपेंड) बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की, जिसके कारण ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान ₹20,000 का मानदेय बढ़ती महंगाई और कार्यभार को देखते हुए अपर्याप्त है, और इसे कम से कम ₹40,000 करने की मांग की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में इंटर्न्स का मानदेय देश में सबसे कम है, और 2014 के स्वास्थ्य विभाग के संकल्प के अनुसार हर तीन साल में मानदेय संशोधन होना चाहिए, जो 2022 के बाद नहीं हुआ।
हड़ताल के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, खासकर दूर-दराज से आए मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। इमरजेंसी सेवाएं हालांकि चालू रहीं। डॉक्टरों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से बार-बार अनुरोध के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर हड़ताल को मजबूरी बताया। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी गई है।








