जम्मू कश्मीर पीपल्स फोरम ने कश्मीर एजुकेशन कल्चरल साइंटिफिक सोसाइटी के साथ मनाया 25वां कारगिल विजय दिवस

ऋषि तिवारी
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर पीपल्स फोरम ने कश्मीर एजुकेशन कल्चरल साइंटिफिक सोसाइटी के साथ पीजी डीएवी कॉलेज (इवनिंग), नेहरू नगर, नई दिल्ली के सहयोग से 26 जुलाई, 2024 को समावर, ग्रेटर कैलाश-1, नई दिल्ली में 25वां कारगिल विजय दिवस मनाया। 1999 में कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक जीत और युद्ध के दौरान अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि। समारोह की अध्यक्षता दिल्ली के संघचालक डॉ. अनिल अग्रवाल ने की, और कर्नल केके शर्मा, एससी, एसएम बार सम्माननीय अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए।
पीजीडीएवी कॉलेज (सांध्य) के विद्यार्थियों ने देशभक्ति एवं उत्साह से परिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। जेकेपीएफ के संयोजक महिंदर मेहता ने अतिथियों का परिचय कराया और उनका स्वागत किया गया।
अजय भारती, पूर्व एमएलसी और जम्मू-कश्मीर यूटी के भाजपा प्रदेश प्रवक्ता, प्रो. रविंदर कुमार गुप्ता, डॉ. अनिल अग्रवाल ने युद्ध के बारे में बात की। कर्नल केके शर्मा ने दर्शकों को बताया कि उन्होंने कारगिल युद्ध में भाग लिया था और अपने अनुभव का वर्णन किया कि कैसे उन्होंने पाकिस्तानी सेना के साथ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और युद्ध जीता। प्रारंभ में पाकिस्तान ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया और कश्मीरी आतंकवादियों को दोषी ठहराया, लेकिन बाद में, तत्कालीन पाकिस्तान प्रधान मंत्री नवाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ के एक बयान ने उनकी संलिप्तता का संकेत दिया। भारतीय सेना ने “ऑपरेशन विजय” के एक भाग के रूप में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के भारतीय हिस्से पर टाइगर हिल और अन्य चौकियों पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले पाकिस्तानी घुसपैठियों को सफलतापूर्वक खदेड़ दिया। लद्दाख के कारगिल में यह सशस्त्र संघर्ष 60 दिनों से अधिक समय तक चला और देश ने 500 से अधिक सैनिकों को खो दिया। यह युद्ध 8 मई, 1999 से 26 जुलाई, 1999 के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध के पीछे पाकिस्तान का एजेंडा लद्दाख को कश्मीर से काट देना और सियाचिन घाटी के निवासियों को भूखा रखना था ताकि भारत को पाकिस्तान की शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जा सके। पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन विजय के तहत सुरक्षा के लिए विशेष बलों के साथ लगभग 30000 भारतीय सैनिकों को कारगिल क्षेत्र में ले जाया गया था। भारत की ओर से मरने वालों की आधिकारिक संख्या 527 थी। समारोह में उपस्थित सभी लोगों द्वारा ऐतिहासिक युद्ध के दौरान अपनी जान गंवाने वाले भारत के असली महानायकों को सच्ची श्रद्धांजलि दी गई।
डॉ. सुदेश रतन ने अतिथियों, कार्यक्रम में उपस्थित दर्शक, डीएवी कॉलेज (सांध्य) के प्रो. रविंदर कुमार गुप्ता और उनकी टीम, श्री महिंदर मेहता, संयोजक, जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम और उनकी टीम जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने सभी प्रयास किए और KECSS का धन्यवाद किया । अंत में वंदे मातरम् का उच्चारण किया गया।

  • Related Posts

    10 अगस्त को किसान-मजदूरों का जेल भरो, सड़क रोको और चक्का जाम आंदोलन 
    • TN15TN15
    • August 6, 2026

    अमेरिका से ट्रेड डील के खिलाफ सड़कों पर…

    Continue reading
    झारखंड छात्र आंदोलन: JDU का बड़ा बयान, ‘पेपर लीक राष्ट्रीय समस्या’
    • TN15TN15
    • August 5, 2026

    दिल्ली के जंतर-मंतर का छात्र आंदोलन एक तरफ…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    AI Jobs Layoffs: भारत के लिए मौका, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट; अमीर देशों में AI से नौकरी जाने का खतरा 3 गुना

    • By TN15
    • August 6, 2026
    AI Jobs Layoffs: भारत के लिए मौका, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट; अमीर देशों में AI से नौकरी जाने का खतरा 3 गुना

    क्या संसद में खत्म होगा गतिरोध? दो दिन में लगातार दूसरी बार राहुल से रिजिजू की गुहार

    • By TN15
    • August 6, 2026
    क्या संसद में खत्म होगा गतिरोध? दो दिन में लगातार दूसरी बार राहुल से रिजिजू की गुहार

    जम्मू कश्मीर में फिर फटे बादल, शोपियां-बडगाम में फ्लैश फ्लड से हालात बिगड़े

    • By TN15
    • August 6, 2026
    जम्मू कश्मीर में फिर फटे बादल, शोपियां-बडगाम में फ्लैश फ्लड से हालात बिगड़े

    सपा सांसद डिंपल यादव बोलीं- गृह मंत्री सदन में बयान क्यों नहीं दे रहे?

    • By TN15
    • August 6, 2026
    सपा सांसद डिंपल यादव बोलीं- गृह मंत्री सदन में बयान क्यों नहीं दे रहे?

    तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, रेप केस में हाई कोर्ट ने पलटा फैसला

    • By TN15
    • August 6, 2026
    तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, रेप केस में हाई कोर्ट ने पलटा फैसला

    9 अगस्‍त, 1942 : महात्मा गांधी का ऐलान, ‘करो या मरो’ ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन में सोशलिस्‍टों की भागीदारी!

    • By TN15
    • August 6, 2026
    9 अगस्‍त, 1942 : महात्मा गांधी का ऐलान, ‘करो या मरो’ ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन में सोशलिस्‍टों की भागीदारी!