अधिक बच्चा पैदा करने की दलील उचित नहीं : अजय खरे
रीवा । समता सम्पर्क अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लोकतंत्र सेनानी अजय खरे ने कहा कि देश की बढ़ती आबादी गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति में देश की आबादी बढ़ाने की किसी भी दलील को सही नहीं कहा जा सकता है। श्री खरे ने कहा कि जनसंख्या का सही नियंत्रण नहीं होने से चीन को पीछे छोड़ते हुए भारत अब दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला देश हो गया है। ऐसी स्थिति में रोज़गार की समस्या और विकराल हो रही है। करोड़ों की संख्या में शिक्षित बेरोजगार इधर-उधर भटक रहे हैं। धर्म और जाति के आधार पर जनसंख्या बढ़ाने के फरमान जारी हो रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी इधर हिन्दू आबादी को बढ़ावा देने के लिए यह कहा कि ऐसे लोग जो शासकीय सेवा में नहीं हैं, छोटे परिवार की सोच से बाहर निकलेंं। श्री खरे ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में पनप रहे आर एस एस का छोटे परिवार की अवधारणा बदलने का अभियान किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। सरकार को चाहिए कि परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाए, न कि किसी भी सम्प्रदाय द्वारा जनसंख्या को बढ़ाने में कोई मदद की जाए। नियोजित परिवार का कार्यक्रम हर धर्म समाज और वर्गों के ऊपर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। अधिक बच्चा पैदा करने की बात सरासर गलत है। महिलाएं को बच्चा पैदा करने की मशीन समझा जाना बहुत गलत और आपत्तिजनक है। सरकारी नौकरी करने वालों पर दो बच्चों वाला कानून बरकरार रखा जाना चाहिए। इसी तरह चुनाव उम्मीदवारों पर भी यह कानून लागू होना चाहिए। श्री खरे ने कहा कि देश के ऊपर दो लाख करोड़ से भी अधिक का विदेशी कर्ज का भारी दवाब है। जिसके ब्याज की किस्त भरने में मुश्किलें बढ़ रही हैं। देश के आम आदमी का जीवन स्तर उठाने के लिए लोगों की प्राथमिक जरूरत को पूरा करना होगा। शिक्षा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा। कानून व्यवस्था और देश की सुरक्षा को लेकर चौकन्ना रहना होगा। देश की आबादी को लेकर साम्प्रदायिक होड़ और ध्रुवीकरण का गंदा खेल रोका जाना चाहिए। इसके लिए जन जागरण अभियान बहुत जरूरी है। श्री खरे ने कहा कि जिन देशों ने आबादी की रफ्तार पर नियंत्रण किया है वह आज महाशक्तियों में शुमार हैं। नियोजित परिवार ही देश को गरीबी बेरोजगारी से मुक्ति दिलाने के साथ बेहतर स्वास्थ्य शिक्षा की दिशा में आगे ले जाएगा।








